‘सैलरी लेते हो फिर इक्विपमेंट पर धूल क्यों जमा है?’:मुजफ्फरपुर में अधिकारियों-कर्मियों पर भड़की श्रेयसी; 10 मिनट धूप में खड़ी रहीं, नहीं खुला स्विमिंग पूल भवन

‘सैलरी लेते हो फिर इक्विपमेंट पर धूल क्यों जमा है?’:मुजफ्फरपुर में अधिकारियों-कर्मियों पर भड़की श्रेयसी; 10 मिनट धूप में खड़ी रहीं, नहीं खुला स्विमिंग पूल भवन

बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह मंगलवार को मुजफ्फरपुर पहुंचीं, जहां इंडोर स्टेडियम और खेल सुविधाओं के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। सिकंदरपुर स्थित खेल भवन के जिम कॉम्प्लेक्स में उपकरणों पर जमी धूल देखकर मंत्री भड़क गईं और कर्मचारियों से सवाल किया, “तुम्हें सैलरी मिलती है, फिर इस पर धूल क्यों जमा है?” मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद मंत्री श्रेयसी सिंह सबसे पहले बेला औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री का निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां औद्योगिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद वह सिकंदरपुर स्थित खेल भवन पहुंचीं। खेल भवन में डीएसओ समेत कई अधिकारियों और खिलाड़ियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने जिम कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। इसी दौरान ट्रेडमिल पर धूल जमी देख वे नाराज हो गईं। मंत्री ने पूछा- मेंटेनेंस पर ध्यान क्यों नहीं? निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों से पूछा कि जब नियमित रूप से वेतन मिल रहा है तो जिम और उपकरणों की सफाई व रखरखाव ठीक तरीके से क्यों नहीं हो रहा है? उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खिलाड़ियों के उपयोग में आने वाली सुविधाओं को बेहतर स्थिति में रखा जाए। मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्विमिंग पूल भवन का नहीं खुला ताला इसके बाद मंत्री सिकंदरपुर स्थित नेहरू स्टेडियम पहुंचीं, जहां उन्होंने क्रिकेट ग्राउंड का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों ने वहां की कई कमियों से मंत्री को अवगत कराया। इसी दौरान उनकी नजर नव-निर्मित स्विमिंग पूल भवन पर पड़ी, जिसका दरवाजा बंद था। मंत्री ने भवन खोलकर निरीक्षण कराने का निर्देश दिया, लेकिन करीब 10 मिनट तक धूप में खड़े रहने के बावजूद चाबी नहीं मिल सकी। इसके बाद मंत्री बिना निरीक्षण किए वहां से लौट गईं। बाद में अधिकारियों ने बताया कि भवन का अब तक हैंडओवर नहीं हुआ है, इसलिए उसे खोला नहीं जा सका। ‘खेल से जुड़े डेवलपमेंट के कामों की समीक्षा होगी, कमियां दूर होंगी’ मीडिया से बातचीत में मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि वह इंडोर स्टेडियम और खेल सुविधाओं का निरीक्षण करने मुजफ्फरपुर आई थीं। उन्होंने कहा, “हम सभी जिलों में जाकर खेल से जुड़े डेवलपमेंट कार्यों की समीक्षा करेंगे और जहां जो कमियां होंगी, उन्हें दूर कर व्यवस्थित किया जाएगा। इसकी शुरुआत मुजफ्फरपुर से हो गई है।” मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर माहौल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह मंगलवार को मुजफ्फरपुर पहुंचीं, जहां इंडोर स्टेडियम और खेल सुविधाओं के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। सिकंदरपुर स्थित खेल भवन के जिम कॉम्प्लेक्स में उपकरणों पर जमी धूल देखकर मंत्री भड़क गईं और कर्मचारियों से सवाल किया, “तुम्हें सैलरी मिलती है, फिर इस पर धूल क्यों जमा है?” मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद मंत्री श्रेयसी सिंह सबसे पहले बेला औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री का निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां औद्योगिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद वह सिकंदरपुर स्थित खेल भवन पहुंचीं। खेल भवन में डीएसओ समेत कई अधिकारियों और खिलाड़ियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने जिम कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। इसी दौरान ट्रेडमिल पर धूल जमी देख वे नाराज हो गईं। मंत्री ने पूछा- मेंटेनेंस पर ध्यान क्यों नहीं? निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों से पूछा कि जब नियमित रूप से वेतन मिल रहा है तो जिम और उपकरणों की सफाई व रखरखाव ठीक तरीके से क्यों नहीं हो रहा है? उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खिलाड़ियों के उपयोग में आने वाली सुविधाओं को बेहतर स्थिति में रखा जाए। मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्विमिंग पूल भवन का नहीं खुला ताला इसके बाद मंत्री सिकंदरपुर स्थित नेहरू स्टेडियम पहुंचीं, जहां उन्होंने क्रिकेट ग्राउंड का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों ने वहां की कई कमियों से मंत्री को अवगत कराया। इसी दौरान उनकी नजर नव-निर्मित स्विमिंग पूल भवन पर पड़ी, जिसका दरवाजा बंद था। मंत्री ने भवन खोलकर निरीक्षण कराने का निर्देश दिया, लेकिन करीब 10 मिनट तक धूप में खड़े रहने के बावजूद चाबी नहीं मिल सकी। इसके बाद मंत्री बिना निरीक्षण किए वहां से लौट गईं। बाद में अधिकारियों ने बताया कि भवन का अब तक हैंडओवर नहीं हुआ है, इसलिए उसे खोला नहीं जा सका। ‘खेल से जुड़े डेवलपमेंट के कामों की समीक्षा होगी, कमियां दूर होंगी’ मीडिया से बातचीत में मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि वह इंडोर स्टेडियम और खेल सुविधाओं का निरीक्षण करने मुजफ्फरपुर आई थीं। उन्होंने कहा, “हम सभी जिलों में जाकर खेल से जुड़े डेवलपमेंट कार्यों की समीक्षा करेंगे और जहां जो कमियां होंगी, उन्हें दूर कर व्यवस्थित किया जाएगा। इसकी शुरुआत मुजफ्फरपुर से हो गई है।” मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर माहौल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।  

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