सहरसा विधायक IP गुप्ता शेखपुरा कोर्ट में पेश हुए:रुपयों के लेन-देन मामले में खंडित बेल बहाल, मिली राहत

सहरसा विधायक IP गुप्ता शेखपुरा कोर्ट में पेश हुए:रुपयों के लेन-देन मामले में खंडित बेल बहाल, मिली राहत

सहरसा विधायक और इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष आईपी गुप्ता ने मंगलवार को शेखपुरा जिला न्यायालय में न्यायिक दंडाधिकारी कुमारी मिट्ठू रानी के समक्ष पेश होकर जमानत प्राप्त की। उनकी पूर्व में मिली जमानत एक आपराधिक मामले में लगातार पैरवी न करने के कारण खंडित कर दी गई थी। संक्षिप्त सुनवाई के बाद, न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका मंजूर करते हुए उन्हें दस-दस हजार रुपये के दो जमानतदारों पर फिर से जमानत की सुविधा प्रदान की। मामला रुपयों के लेन-देन से संबंधित विधायक के अधिवक्ता सूर्यमणि प्रसाद ने बताया कि यह मामला रुपयों के लेन-देन से संबंधित है। जिले के चेवाड़ा निवासी रवि शंकर ने विधायक के खिलाफ एक परिवाद दायर किया था। उनकी ओर से कोई पैरवी नहीं की गई इस मामले में विधायक को न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने के बाद ही जमानत मिल गई थी। हालांकि, 30 जनवरी 2026 को न्यायालय में उनकी ओर से कोई पैरवी नहीं की गई, जिसके कारण उनकी जमानत खंडित कर दी गई थी। आरोप गठन से पहले साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रक्रिया चल रही थी। विधायक ने न्यायालय के समक्ष इस मामले के न्यायिक विचारण में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे आगे जमानत सुविधा का दुरुपयोग नहीं करेंगे। सहरसा विधायक और इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष आईपी गुप्ता ने मंगलवार को शेखपुरा जिला न्यायालय में न्यायिक दंडाधिकारी कुमारी मिट्ठू रानी के समक्ष पेश होकर जमानत प्राप्त की। उनकी पूर्व में मिली जमानत एक आपराधिक मामले में लगातार पैरवी न करने के कारण खंडित कर दी गई थी। संक्षिप्त सुनवाई के बाद, न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका मंजूर करते हुए उन्हें दस-दस हजार रुपये के दो जमानतदारों पर फिर से जमानत की सुविधा प्रदान की। मामला रुपयों के लेन-देन से संबंधित विधायक के अधिवक्ता सूर्यमणि प्रसाद ने बताया कि यह मामला रुपयों के लेन-देन से संबंधित है। जिले के चेवाड़ा निवासी रवि शंकर ने विधायक के खिलाफ एक परिवाद दायर किया था। उनकी ओर से कोई पैरवी नहीं की गई इस मामले में विधायक को न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने के बाद ही जमानत मिल गई थी। हालांकि, 30 जनवरी 2026 को न्यायालय में उनकी ओर से कोई पैरवी नहीं की गई, जिसके कारण उनकी जमानत खंडित कर दी गई थी। आरोप गठन से पहले साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रक्रिया चल रही थी। विधायक ने न्यायालय के समक्ष इस मामले के न्यायिक विचारण में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे आगे जमानत सुविधा का दुरुपयोग नहीं करेंगे।  

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