काफी दिनों से दबाव में चल रहे भारतीय रुपये को राहत देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने आखिरकार बड़ा कदम उठाया है। मौजूद जानकारी के अनुसार आरबीआई ने गुरुवार को बाजार में करीब 2 से 3 अरब डॉलर बेचे, जबकि शुक्रवार को भी डॉलर बिक्री जारी रखी गई, जिससे रुपये में मजबूती देखने को मिली।
बताया जा रहा है कि आरबीआई ने सरकारी बैंकों के जरिए यह हस्तक्षेप किया। इसका असर यह हुआ कि डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होकर 96 के नीचे पहुंच गया। गुरुवार को रुपया 0.64 प्रतिशत मजबूत होकर 96.20 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। गौरतलब है कि बीते कुछ हफ्तों में रुपया लगातार कमजोर हो रहा था और 97 के करीब पहुंच गया था।
बाजार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार सुबह बाजार खुलने से पहले ही करीब 50 करोड़ डॉलर की बिक्री की गई थी। उस समय बाजार में तरलता कम होने की वजह से इसका असर ज्यादा दिखाई दिया। कुछ कारोबारियों का अनुमान है कि पूरे दिन में आरबीआई ने 4 से 5 अरब डॉलर तक बेचे हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव, खासकर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते विवाद की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है, इसलिए तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपये पर दबाव आता है।
वित्तीय विशेषज्ञ अनिल भंसाली ने कहा कि लंबे समय बाद इतनी बड़ी डॉलर बिक्री देखने को मिली है। वहीं करूर वैश्य बैंक के ट्रेजरी प्रमुख वीआरसी रेड्डी का कहना है कि जब तक तेल की कीमतें ऊंची रहेंगी और विदेशी निवेशक पैसा निकालते रहेंगे, तब तक रुपये पर दबाव बना रह सकता है।
गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष में अब तक रुपया डॉलर के मुकाबले 3 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हो चुका है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसमें करीब 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी लगातार जारी है, जिससे बाजार की चिंता बढ़ी हुई है।
इसी बीच केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिए हैं कि सरकार रुपये को स्थिर रखने के लिए और कदमों पर भी विचार कर रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार नीति निर्माता ब्याज दरों में बढ़ोतरी जैसे विकल्पों पर भी चर्चा कर रहे हैं, ताकि विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके और रुपये को सहारा मिले।
बता दें कि डीबीएस बैंक ने अनुमान जताया है कि वर्ष 2026 के बाकी समय में रुपया 95 से 100 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार कर सकता है। फिलहाल बाजार की नजर आरबीआई की अगली मौद्रिक नीति बैठक और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर टिकी हुई हैं।


