देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अगले सप्ताह कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए अपने ग्राहकों को वैकल्पिक माध्यमों से लेनदेन करने की शुक्रवार को सलाह दी।
एसबीआई ने अपने 52 करोड़ से अधिक ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वे नकदी निकासी के लिए एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्रों का उपयोग करें और बैंक के ऑनलाइन बैंकिंग मंच ‘योनो’ एवं यूपीआई जैसी सेवाओं को प्राथमिकता दें।
बैंक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दी सूचना में कहा कि वह अपनी 23,200 से अधिक शाखाओं में ‘आवश्यक सेवाएं’ बनाए रखने के प्रयास कर रहा है।
एसबीआई का यह सुझाव अखिल भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी महासंघ (एआईएसबीआईएसएफ) की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए आया है। कर्मचारी महासंघ ने 25 मई से दो-दिवसीय हड़ताल का नोटिस दिया हुआ है।
देश की बैंकिंग गतिविधियों में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले बैंक ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘इस वजह से होने वाली किसी भी असुविधा का हमें खेद है।’’
यदि हड़ताल निर्धारित समय पर होती है, तो इससे एसबीआई के बैंकिंग कार्यों पर पांच दिनों तक असर पड़ सकता है। हड़ताल की तारीख से पहले चौथा शनिवार और रविवार पड़ रहा है। इसके अलावा, हड़ताल समाप्त होने के एक दिन बाद, 27 मई को भी ईद अल-अजहा के कारण कई राज्यों में छुट्टी रहेगी।
कर्मचारी महासंघ ने संदेशवाहकों एवं सशस्त्र कर्मी की नियुक्ति और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) कर्मचारियों के लिए पेंशन कोष प्रबंधक बदलने के विकल्प की मांग रखी है। महासंघ ने बैंक की स्थायी नौकरियों की ‘आउटसोर्सिंग’ बंद करने की भी मांग की है क्योंकि इससे आंकड़ों की चोरी, दुरुपयोग और धोखाधड़ी का सीधा खतरा उत्पन्न होता है। इससे ग्राहकों का विश्वास खतरे में पड़ता है और बैंक को गंभीर प्रतिष्ठा और कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
कर्मचारी महासंघ की एक अन्य मांग निदेशक मंडल में कर्मचारी निदेशक की नियुक्ति से संबंधित है।


