भीलवाड़ा की मांडल थाना पुलिस ने संतोकपुरा गांव में हुए मर्डर के मामले का खुलासा कर दिया है। गांव में किराए पर रहने वाले मजदूर हितेश का मर्डर उसी के रूममेट अंकित पीटर (38) ने की थी। दोनों के बीच मजदूरी के रुपयों के लेन-देने को लेकर झगड़ा हुआ था। अंकित ने गुस्से में चाकू से हितेश का मर्डर कर दिया था। जीजा ने दर्ज कराया था मामला SP सागर राणा ने बताया- मांडल थाने में मध्यप्रदेश के झाबुआ निवासी दीपक कुमार माहेश्वरी ने मामला दर्ज कराया था। दीपक कुमार रिश्ते में हितेश का जीजा है। रिपोर्ट में दीपक कुमार ने बताया- सोमवार (8 जून) को मुझे सूचना मिली कि मेरे साले हितेश की तबीयत खराब है। मैं पत्नी योगिता और भाई विजय के साथ भीलवाड़ा पहुंचा तो पता चला कि जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में हितेश की बॉडी रखी है। जानकारी जुटाई तो पता कि हितेष संतोकपुरा रोड पर रामचंद्र मेघवंशी के मकान में किराए पर रहता था। उसके साथ रूम में अंकित पीटर नाम का युवक भी रहता था। दोनों के बीच झगड़ा होने की जानकारी मिली। यह भी पता चला कि अंकित ने हितेश पर चाकू से वार कर दिया। इसके बाद उसे गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने हितेश को मृत घोषित कर दिया। रुपयों के लेन-देन को लेकर हुआ था झगड़ा SP सागर राणा ने बताया- वारदात के बाद अंकित पीटर फरार हो गया था। मामला सुलझाने के लिए टीम बनाई। मौके पर मोबाइल फॉरेंसिक टीम और स्पेशल मोबाइल जांच टीम बुलाकर सबूत जुटाए। इसके बाद अंकित की लोकेशन मिलते ही उसे डिटेन कर लिया। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल किया तो गिरफ्तार कर लिया। अंकित ने पुलिस को बताया कि दोनों के बीच मजदूरी के रुपए को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उसने चाकू से हितेश का मर्डर कर दिया। अंकित मध्यप्रदेश के रतलाम में गांधीनगर इलाके का रहने वाला है। भीलवाड़ा में संतोकपुरा में किराए के रूम में हितेश के साथ रहकर वह मजूदरी करता था। ये थे टीम में शामिल आरोपी को पकड़ने वाली टीम में मांडल थाना प्रभारी रोहिताश यादव, एसआई शरीफ मोहम्मद, एएसआई कैलाश चन्द्र, कांस्टेबल रविन्द्र, मनीष कुमार, संजेश कुमार, रमेश चन्द्र बिश्नोई, राजेश कुमार, मुकेश कुमार, रमेश कुमार तथा भीमगंज थाने के हेड कांस्टेबल उमराव शामिल रहे।


