रिशु श्री…बिहार के IAS अधिकारियों को अपनी उंगलियों पर नचाता था। वह सिर्फ टेंडर मैनेज नहीं करता था, बल्कि यह भी तय करता था कि किस विभाग में सचिव कौन होगा और किस शहर का नगर आयुक्त कौन बनेगा। 3 दिन से बेउर जेल में है। रिशु की ‘डायरी’ में काली कमाई करने वाले IAS अफसरों ने नाम दर्ज हैं। दो को सम्राट सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। बाकी अफसरों पर अभी एक्शन का इंतजार है। क्या बाकी IAS अफसर भी नपेंगे या सिर्फ कोरम पूरा होगा। रिशु के बहाने सम्राट ने ऑपरेशन IAS तो नहीं कर दिया। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में… सवाल-1ः रिशु श्री कौन है और उसे किस आरोप में गिरफ्तार किया गया? जवाबः पटना NIT से बीटेक रिशु श्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा एक हाई-प्रोफाइल ठेकेदार और बिचौलिया है, जो अपनी कंपनी रिलायबल इन्फ्रा सर्विसेज के जरिए काम करता था। सवाल-2ः रिशु के भ्रष्टाचार का इको सिस्टम क्या था, कैसे काम करता था? जवाबः हाईकोर्ट में दाखिल ED की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 39 साल के रिशु श्री ने बिहार के अफसरों के साथ मिलकर लूट का एक मॉडल तैयार किया था। वह सिर्फ ठेके नहीं लेता था, बल्कि बड़ी कंपनियों और सरकार के बीच ‘लाइजनिंग’ का काम करता था। रिशु की काली कमाई के 4 तरीके… 1. पसंद के अफसरों की पोस्टिंग रिशु की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाइए कि वह अधिकारियों की मनचाही पोस्टिंग भी करवाता था। वह सिर्फ टेंडर मैनेज नहीं करता था, बल्कि यह भी तय करता था कि किस विभाग में सचिव कौन होगा और किस शहर का नगर आयुक्त कौन बनेगा। 2. टेंडर की शर्तों भी बदलवा देता पसंद के अफसरों की पोस्टिंग कराने के बदले रिशु को टेंडर की गोपनीय जानकारी पहले ही मिल जाती थी। इसके बाद वह जल संसाधन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, भवन निर्माण विभाग और बुडको (BUIDCO) जैसे मलाईदार विभागों के बड़े अधिकारियों और इंजीनियरों से सांठगांठ करता था। टेंडर जारी होने से पहले ही वह शर्तें इस तरह से कस्टमाइज करवाता था कि उसके खास क्लाइंट या उसकी अपनी कंपनी ही क्वालीफाई कर सके। 3. अफसरों को पक्ष में करने के लिए लाखों खर्च किए बुडको के तत्कालीन प्रबंध निदेशक IAS योगेश कुमार सागर भी रिशु श्री से खूब लाभान्वित हुए। ED की जांच में आया कि योगेश और उनके परिवार के कुछ 6 सदस्यों को रिशु श्री ने विदेशों में सैर करवाया। जून 24 में ऑस्ट्रिया की यात्रा इन लोगों को करवाई गई। 4. ठेका विदेश यात्राओं के बदले में मिले IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा और उनके परिवार की यात्रा पर रिशु ने 19 लाख खर्च किया था। दोनों के व्हाट्सएप चैट से खुलासा हुआ कि बीएमएसआईसीएल के तत्कालीन एमडी धर्मेंद्र ने भी विदेश यात्राएं की थी। इसके बाद रिशु श्री की संस्थाओं को बीएमएसआईसीएल से ठेके मिले थे। सवाल-3ः 2 IAS अफसर सस्पेंड, क्या बाकी पर भी कार्रवाई करेगी सरकार? जवाबः भ्रष्टाचार केस में नाम आने के बाद 30 मई को सम्राट सरकार ने दो IAS अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। 2014 बैच की IAS अफसर अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि इन्होंने ठेकेदार रिशुश्री के जरिए रिश्वत, कमीशन और पर्सनल फायदे का पूरा सिंडिकेट खड़ा कर रखा था। ED रिपोर्ट में इन अफसरों के नाम सवाल-4ः सालों से अपनी उंगलियों पर सरकारी सिस्टम को नचाने वाले रिशु पर अभी ही कार्रवाई क्यों? जवाबः अचानक हुई इस कार्रवाई के पीछे 2 बड़े कारण हैं… 1. रिशु के बहाने सम्राट का ‘ऑपरेशन IAS’ बिहार की राजनीति में लंबे समय से यह धारणा रही है कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से ‘IAS लॉबी’ के इशारों पर चलती है। कई सीनियर अफसर सालों तक एक ही मलाईदार विभाग में जमे रहे और सरकारें बदलने के बावजूद उनका रसूख कम नहीं हुआ। सियासी गलियारे में चर्चा है कि रिशु पर कार्रवाई सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रशासनिक ढर्रे को बदलने की कोशिशों के तहत की गई है। सरकार ने रिशु पर कार्रवाई कर IAS लॉबी को सख्त मैसेज दिया है। रिशु श्री जैसे पहुंच वाले सिंडिकेट किंगपिन की गिरफ्तारी से सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पुराना खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिशु श्री सालों से बेखौफ होकर काम इसलिए कर पा रहा था क्योंकि उसे ऊपर से प्रशासनिक ‘कवच’ प्राप्त था। लेकिन ED की रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों (व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजैक्शन) को आधार बनाकर सरकार IAS लॉबी को भेद रही है। 2. देश छोड़कर भागने की फिराक में था रिशु ED ने करीब 6 महीने पहले अपनी जांच रिपोर्ट बिहार की विशेष निगरानी इकाई (SVU) को सौंपी थी, जिसके आधार पर अप्रैल 2025 में ही FIR की गई थी। लेकिन मई 2026 के आखिरी हफ्ते में SVU को खुफिया इनपुट मिला कि रिशु श्री देश छोड़कर विदेश भागने की फिराक में है और सबूतों को नष्ट कर सकता है। इसी तात्कालिक खतरे को देखते हुए SVU ने कोर्ट से वारंट लिया और उसे आनन-फानन में छापेमारी कर दबोच लिया। रिशु श्री…बिहार के IAS अधिकारियों को अपनी उंगलियों पर नचाता था। वह सिर्फ टेंडर मैनेज नहीं करता था, बल्कि यह भी तय करता था कि किस विभाग में सचिव कौन होगा और किस शहर का नगर आयुक्त कौन बनेगा। 3 दिन से बेउर जेल में है। रिशु की ‘डायरी’ में काली कमाई करने वाले IAS अफसरों ने नाम दर्ज हैं। दो को सम्राट सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। बाकी अफसरों पर अभी एक्शन का इंतजार है। क्या बाकी IAS अफसर भी नपेंगे या सिर्फ कोरम पूरा होगा। रिशु के बहाने सम्राट ने ऑपरेशन IAS तो नहीं कर दिया। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में… सवाल-1ः रिशु श्री कौन है और उसे किस आरोप में गिरफ्तार किया गया? जवाबः पटना NIT से बीटेक रिशु श्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा एक हाई-प्रोफाइल ठेकेदार और बिचौलिया है, जो अपनी कंपनी रिलायबल इन्फ्रा सर्विसेज के जरिए काम करता था। सवाल-2ः रिशु के भ्रष्टाचार का इको सिस्टम क्या था, कैसे काम करता था? जवाबः हाईकोर्ट में दाखिल ED की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 39 साल के रिशु श्री ने बिहार के अफसरों के साथ मिलकर लूट का एक मॉडल तैयार किया था। वह सिर्फ ठेके नहीं लेता था, बल्कि बड़ी कंपनियों और सरकार के बीच ‘लाइजनिंग’ का काम करता था। रिशु की काली कमाई के 4 तरीके… 1. पसंद के अफसरों की पोस्टिंग रिशु की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाइए कि वह अधिकारियों की मनचाही पोस्टिंग भी करवाता था। वह सिर्फ टेंडर मैनेज नहीं करता था, बल्कि यह भी तय करता था कि किस विभाग में सचिव कौन होगा और किस शहर का नगर आयुक्त कौन बनेगा। 2. टेंडर की शर्तों भी बदलवा देता पसंद के अफसरों की पोस्टिंग कराने के बदले रिशु को टेंडर की गोपनीय जानकारी पहले ही मिल जाती थी। इसके बाद वह जल संसाधन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, भवन निर्माण विभाग और बुडको (BUIDCO) जैसे मलाईदार विभागों के बड़े अधिकारियों और इंजीनियरों से सांठगांठ करता था। टेंडर जारी होने से पहले ही वह शर्तें इस तरह से कस्टमाइज करवाता था कि उसके खास क्लाइंट या उसकी अपनी कंपनी ही क्वालीफाई कर सके। 3. अफसरों को पक्ष में करने के लिए लाखों खर्च किए बुडको के तत्कालीन प्रबंध निदेशक IAS योगेश कुमार सागर भी रिशु श्री से खूब लाभान्वित हुए। ED की जांच में आया कि योगेश और उनके परिवार के कुछ 6 सदस्यों को रिशु श्री ने विदेशों में सैर करवाया। जून 24 में ऑस्ट्रिया की यात्रा इन लोगों को करवाई गई। 4. ठेका विदेश यात्राओं के बदले में मिले IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा और उनके परिवार की यात्रा पर रिशु ने 19 लाख खर्च किया था। दोनों के व्हाट्सएप चैट से खुलासा हुआ कि बीएमएसआईसीएल के तत्कालीन एमडी धर्मेंद्र ने भी विदेश यात्राएं की थी। इसके बाद रिशु श्री की संस्थाओं को बीएमएसआईसीएल से ठेके मिले थे। सवाल-3ः 2 IAS अफसर सस्पेंड, क्या बाकी पर भी कार्रवाई करेगी सरकार? जवाबः भ्रष्टाचार केस में नाम आने के बाद 30 मई को सम्राट सरकार ने दो IAS अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। 2014 बैच की IAS अफसर अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि इन्होंने ठेकेदार रिशुश्री के जरिए रिश्वत, कमीशन और पर्सनल फायदे का पूरा सिंडिकेट खड़ा कर रखा था। ED रिपोर्ट में इन अफसरों के नाम सवाल-4ः सालों से अपनी उंगलियों पर सरकारी सिस्टम को नचाने वाले रिशु पर अभी ही कार्रवाई क्यों? जवाबः अचानक हुई इस कार्रवाई के पीछे 2 बड़े कारण हैं… 1. रिशु के बहाने सम्राट का ‘ऑपरेशन IAS’ बिहार की राजनीति में लंबे समय से यह धारणा रही है कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से ‘IAS लॉबी’ के इशारों पर चलती है। कई सीनियर अफसर सालों तक एक ही मलाईदार विभाग में जमे रहे और सरकारें बदलने के बावजूद उनका रसूख कम नहीं हुआ। सियासी गलियारे में चर्चा है कि रिशु पर कार्रवाई सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रशासनिक ढर्रे को बदलने की कोशिशों के तहत की गई है। सरकार ने रिशु पर कार्रवाई कर IAS लॉबी को सख्त मैसेज दिया है। रिशु श्री जैसे पहुंच वाले सिंडिकेट किंगपिन की गिरफ्तारी से सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पुराना खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिशु श्री सालों से बेखौफ होकर काम इसलिए कर पा रहा था क्योंकि उसे ऊपर से प्रशासनिक ‘कवच’ प्राप्त था। लेकिन ED की रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों (व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजैक्शन) को आधार बनाकर सरकार IAS लॉबी को भेद रही है। 2. देश छोड़कर भागने की फिराक में था रिशु ED ने करीब 6 महीने पहले अपनी जांच रिपोर्ट बिहार की विशेष निगरानी इकाई (SVU) को सौंपी थी, जिसके आधार पर अप्रैल 2025 में ही FIR की गई थी। लेकिन मई 2026 के आखिरी हफ्ते में SVU को खुफिया इनपुट मिला कि रिशु श्री देश छोड़कर विदेश भागने की फिराक में है और सबूतों को नष्ट कर सकता है। इसी तात्कालिक खतरे को देखते हुए SVU ने कोर्ट से वारंट लिया और उसे आनन-फानन में छापेमारी कर दबोच लिया।


