मुजफ्फरपुर में साइबर ठगों ने एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट को निशाना बनाया है। सदर थाना क्षेत्र के बीबीगंज आनंदपुरी मोहल्ला निवासी ब्रजेश कुमार सिंह से शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर 18.15 लाख रुपए की ठगी की गई है। मामले में पीड़ित ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और साइबर ठगों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि ब्रजेश कुमार सिंह बीते वर्ष 30 सितंबर को एयरफोर्स से रिटायर्ड हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद मिली रकम में से ही साइबर अपराधियों ने उनसे यह ठगी की।
वाट्सएप ग्रुप बनाकर एप के जरिए की ठगी पीड़ित ब्रजेश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वह शेयर ट्रेडिंग में निवेश करना चाहते थे। इसी दौरान 18 मार्च को उन्हें ‘फनसोल सेक्युरिटीज प्रा. लि.’ नामक संस्था के बारे में जानकारी मिली, जो निवेश पर ज्यादा मुनाफे का दावा कर रही थी। इसके बाद ब्रजेश सिंह को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें करीब 120 सदस्य थे। ग्रुप के एडमिन गुल टेक चांदनी और अनन्या कुलकर्णी बताए गए। आरोप है कि दोनों ने उन्हें प्ले स्टोर से ‘फिनसोलगो’ नाम का ऐप डाउनलोड कराया।
पहले 15 हजार, 3 लाख…फिर 15 लाख का लगाया चपत पीड़ित के अनुसार, 24 मार्च को सबसे पहले 15 हजार रुपये निवेश कराए गए, जिसके बदले सॉफ्टवेयर में 3200 शेयर दिखाए गए। इसके बाद 30 मार्च को आरटीजीएस के जरिए 3 लाख रुपये ‘किंग्स इंटरप्राइजेज’ के खाते में डलवाए गए। पीड़ित के अनुसार, 1 अप्रैल को ऐप में बिना अनुमति 60 हजार शेयर उनके नाम आवंटित कर दिए गए। विरोध करने पर आरोपियों ने व्हाट्सएप पर धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो पहले का निवेश ब्लॉक कर दिया जाएगा। दबाव में आकर उनसे ‘जुकेन यूनी प्रोडक्ट’ नाम के खाते में 15 लाख रुपए और जमा करा लिए गए।
18.15 लाख ठगने के बाद ग्रुप से किया बाहर इसके बाद भी सॉफ्टवेयर में करीब 3 लाख शेयर दिखाकर 11 लाख रुपए की और मांग की गई। जब ब्रजेश ने इसका विरोध किया, तो उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया गया। मुजफ्फरपुर में साइबर ठगों ने एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट को निशाना बनाया है। सदर थाना क्षेत्र के बीबीगंज आनंदपुरी मोहल्ला निवासी ब्रजेश कुमार सिंह से शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर 18.15 लाख रुपए की ठगी की गई है। मामले में पीड़ित ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और साइबर ठगों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि ब्रजेश कुमार सिंह बीते वर्ष 30 सितंबर को एयरफोर्स से रिटायर्ड हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद मिली रकम में से ही साइबर अपराधियों ने उनसे यह ठगी की।
वाट्सएप ग्रुप बनाकर एप के जरिए की ठगी पीड़ित ब्रजेश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वह शेयर ट्रेडिंग में निवेश करना चाहते थे। इसी दौरान 18 मार्च को उन्हें ‘फनसोल सेक्युरिटीज प्रा. लि.’ नामक संस्था के बारे में जानकारी मिली, जो निवेश पर ज्यादा मुनाफे का दावा कर रही थी। इसके बाद ब्रजेश सिंह को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें करीब 120 सदस्य थे। ग्रुप के एडमिन गुल टेक चांदनी और अनन्या कुलकर्णी बताए गए। आरोप है कि दोनों ने उन्हें प्ले स्टोर से ‘फिनसोलगो’ नाम का ऐप डाउनलोड कराया।
पहले 15 हजार, 3 लाख…फिर 15 लाख का लगाया चपत पीड़ित के अनुसार, 24 मार्च को सबसे पहले 15 हजार रुपये निवेश कराए गए, जिसके बदले सॉफ्टवेयर में 3200 शेयर दिखाए गए। इसके बाद 30 मार्च को आरटीजीएस के जरिए 3 लाख रुपये ‘किंग्स इंटरप्राइजेज’ के खाते में डलवाए गए। पीड़ित के अनुसार, 1 अप्रैल को ऐप में बिना अनुमति 60 हजार शेयर उनके नाम आवंटित कर दिए गए। विरोध करने पर आरोपियों ने व्हाट्सएप पर धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो पहले का निवेश ब्लॉक कर दिया जाएगा। दबाव में आकर उनसे ‘जुकेन यूनी प्रोडक्ट’ नाम के खाते में 15 लाख रुपए और जमा करा लिए गए।
18.15 लाख ठगने के बाद ग्रुप से किया बाहर इसके बाद भी सॉफ्टवेयर में करीब 3 लाख शेयर दिखाकर 11 लाख रुपए की और मांग की गई। जब ब्रजेश ने इसका विरोध किया, तो उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया गया।


