नागौर. जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद एसपी रोशन मीना ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) के दो कांस्टेबलों के साथ कुचेरा थाने के एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया, वहीं पूरी डीएसटी टीम को लाइन हाजिर कर दिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंपमच गया।
एनडीपीएस एक्ट से जुड़ा प्रकरण
मामला एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक प्रकरण में आरोपी का नाम निकालने को लेकर कथित बातचीत के वायरल वीडियो से जुड़ा है। वीडियो सामने आने के बाद एसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए और इसकी सत्यता परखने के लिए विशेष कमेटी गठित की है। एसपी ने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
इन्हें किया निलंबित
एसपी मीना ने डीएसटी में कार्यरत कांस्टेबल दिनेश स्वामी और बलदेवराम को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा डीएसटी प्रभारी मुकेशचंद यादव, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश सहित कांस्टेबल सुरेश कुमार, चंदाराम और चतुर्भुज को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं वीडियो में लेनदेन के मामले में नाम आने पर कुचेरा थाने के कांस्टेबल तेजाराम विश्नोई को भी संस्पेंड कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि विभाग की साख से जुड़े मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह था मामला
घटना 13 अप्रेल 2026 की है, जब डीएसटी टीम को पीसीआर के माध्यम से सूचना मिली और लोकेशन के आधार पर टीम हनुमान बाग कॉलोनी पहुंची। यहां अशोक भाटी के घर दबिश के दौरान आरोपी व उसके सहयोगियों ने टीम पर हमला कर दिया और कुत्ता छोड़ दिया। इससे कांस्टेबल कमल घायल हो गया। मौके पर भीड़ एकत्र हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोपियों ने पुलिस टीम के साथ अभद्रता करते हुए आत्महत्या की धमकी तक दे डाली। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तीन आरोपियों अशोक भाटी, गुमानाराम जाट और दिनेश जाट को शांतिभंग में गिरफ्तार किया।
एफआईआर दर्ज, जांच जारी
इस मामले में डीएसटी पर हमले और सरकारी कार्य में बाधा डालने को लेकर मंगलवार को एफआईआर दर्ज की गई है। वायरल वीडियो में सामने आए तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। डीएसटी जैसी महत्वपूर्ण इकाई पर बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई।
डीएसटी पर जानलेवा हमला के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
नागौर जिले में डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) पर सोमवार को जानलेवा हमला करने की घटना के संबंध में मंगलवार को कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार रिपोर्ट में बताया कि मादक पदार्थ तस्करी के एक इनामी आरोपी की तलाश में मौके पर गई पुलिस टीम पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला किया। आरोपियों ने टीम पर पालतू कुत्ता छोड़ दिया, जिससे एक कांस्टेबल घायल हो गया।
डीएसटी मेड़ता सिटी के प्रभारी विजय सिंह को एनडीपीएस एक्ट में डोगाना थाना के वांछित 2000 रुपए के इनामी आरोपी सुखाराम भींचर की लोकेशन नागौर शहर के लिखमीदास कॉलोनी क्षेत्र में मिली थी। सूचना पर नागौर डीएसटी प्रभारी मुकेश चंद्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोकेशन के आधार पर उसके साथ एनडीपीएस एक्ट में वांछित अशोक भाटी के मकान पर दबिश दी। उन्होंने स्वयं को पुलिस बताते हुए दरवाजा खोलने के लिए आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद टीम परिसर में प्रवेश कर गई। इसी दौरान अशोक भाटी ने अपने साथियों दिनेश जांदू, प्रहलाद घांची और पड़ोसीगुमानाराम व उसके परिवार के साथ मिलकर टीम पर हमला कर दिया।
एसआई मुकेश ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपियों के पास लाठी-डंडे थे, जबकि एक महिला मंजू के पास कुल्हाड़ी थी। अशोक भाटी ने अपना पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ता पुलिस पर छोड़ दिया। उसने कांस्टेबल कमल के पैर पर काट लिया। भाटी ने कांस्टेबल के हाथ पर काटा। हमले के दौरान आरोपियों ने राजकार्य में बाधा डाली और पुलिस टीम को गंभीर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। टीम ने कंट्रोल रूम को सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। कोतवाली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंतकर स्थिति संभाली।
भाटी मध्यप्रदेश पुलिस का भी वांछित
मुख्य आरोपी अशोक भाटी मध्यप्रदेश पुलिस का भी वांछित अपराधी है। डीएसटी प्रभारी मुकेश चंद्र की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
इनका कहना है
डीएसटी से जुडे पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह आम नागरिक हो या पुलिस कर्मी। इसलिए तीन कांस्टेबल को संस्पेंड करके वीडियो की सत्यता की जांच करवाई जा रही है।
– रोशन मीना, पुलिस अधीक्षक, नागौर।


