विधायक पप्पू पांडेय को सुप्रीम कोर्ट से राहत:गोपालगंज में 16 एकड़ जमीन विवाद पर अंतरिम जमानत याचिका वापस, CID जांच जारी

विधायक पप्पू पांडेय को सुप्रीम कोर्ट से राहत:गोपालगंज में 16 एकड़ जमीन विवाद पर अंतरिम जमानत याचिका वापस, CID जांच जारी

गोपालगंज के कुचायकोट से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने अपनी अंतरिम जमानत याचिका वापस ले ली है। यह याचिका सिविल कोर्ट के एडीजे-3 सह स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। विधायक के अधिवक्ताओं ने कोर्ट से याचिका वापस लेने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने याचिका को निष्पादित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद विधायक की गिरफ्तारी का खतरा टल गया था, जिसके चलते यह फैसला लिया गया। 16 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप यह मामला गोपालगंज जिले के चर्चित जमीन कब्जा विवाद से जुड़ा है। विधायक पप्पू पांडेय पर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में 16 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा करने और भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अब सीआईडी कर रही है। सीआईडी की टीम जमीन पर कब्जे से जुड़े सभी आपराधिक पहलुओं की नए सिरे से गहराई से जांच करेगी। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि विधायक की मुश्किलें बढ़ेंगी या उन्हें क्लीन चिट मिलेगी। गोपालगंज के कुचायकोट से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने अपनी अंतरिम जमानत याचिका वापस ले ली है। यह याचिका सिविल कोर्ट के एडीजे-3 सह स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। विधायक के अधिवक्ताओं ने कोर्ट से याचिका वापस लेने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने याचिका को निष्पादित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद विधायक की गिरफ्तारी का खतरा टल गया था, जिसके चलते यह फैसला लिया गया। 16 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप यह मामला गोपालगंज जिले के चर्चित जमीन कब्जा विवाद से जुड़ा है। विधायक पप्पू पांडेय पर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में 16 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा करने और भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अब सीआईडी कर रही है। सीआईडी की टीम जमीन पर कब्जे से जुड़े सभी आपराधिक पहलुओं की नए सिरे से गहराई से जांच करेगी। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि विधायक की मुश्किलें बढ़ेंगी या उन्हें क्लीन चिट मिलेगी।  

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