सहरसा के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के बाद बुधवार को परिजनों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और समय पर ऑक्सीजन न मिलने का आरोप लगाया है। इस घटना के कारण अस्पताल में करीब तीन घंटे तक कामकाज बाधित रहा। मृतक की पहचान महिषी थाना क्षेत्र निवासी संतोष झा के 30 वर्षीय पुत्र बालकृष्ण झा उर्फ सोनू कुमार के रूप में हुई है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सोनू तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और फिलहाल बेरोजगार था। हादसे में सिर पर आई थी चोटें बीते 28 मई को सोनू बनगांव थाना क्षेत्र में बाइक से घर लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। उसे तुरंत सहरसा शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को इलाज के दौरान सोनू की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उनका आरोप है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की घोर लापरवाही के कारण सोनू की जान गई। परिजनों का कहना है कि यदि उसे समय पर ऑक्सीजन मिल जाती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। मृतका की ममेरी बहन मौसमी कुमारी ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन लगाने वाला मशीन खराब हो गया था और जिस वजह से लेट देरी हुई और उसकी जान चली गई। परिजनों अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच जारी आक्रोशित लोगों ने दोपहर करीब 3 बजे अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही सहरसा सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सहरसा के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के बाद बुधवार को परिजनों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और समय पर ऑक्सीजन न मिलने का आरोप लगाया है। इस घटना के कारण अस्पताल में करीब तीन घंटे तक कामकाज बाधित रहा। मृतक की पहचान महिषी थाना क्षेत्र निवासी संतोष झा के 30 वर्षीय पुत्र बालकृष्ण झा उर्फ सोनू कुमार के रूप में हुई है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सोनू तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और फिलहाल बेरोजगार था। हादसे में सिर पर आई थी चोटें बीते 28 मई को सोनू बनगांव थाना क्षेत्र में बाइक से घर लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। उसे तुरंत सहरसा शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को इलाज के दौरान सोनू की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उनका आरोप है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की घोर लापरवाही के कारण सोनू की जान गई। परिजनों का कहना है कि यदि उसे समय पर ऑक्सीजन मिल जाती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। मृतका की ममेरी बहन मौसमी कुमारी ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन लगाने वाला मशीन खराब हो गया था और जिस वजह से लेट देरी हुई और उसकी जान चली गई। परिजनों अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच जारी आक्रोशित लोगों ने दोपहर करीब 3 बजे अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही सहरसा सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


