लोकसभा में महागठबंधन और विपक्षी दलों की ओर से परिसीमन सुधार तथा महिला आरक्षण के विरोध में किए गए मतदान के खिलाफ राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के आह्वान पर बुधवार को नालंदा जिला मुख्यालय में ‘धिक्कार मार्च’ का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों की नीतियों के प्रति अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। जिला अध्यक्ष सोनू कुशवाहा ने प्रोटेस्ट के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने संसद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था, जिसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देना था, लेकिन महागठबंधन ने गंदी राजनीति के चलते इसे सदन में पास नहीं होने दिया। ‘बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो जाती’ पार्टी नेताओं ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि यह विधेयक बिहार जैसे राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक था। यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो जाती, जिसमें 20 महिलाएं सांसद बनतीं। इसी तरह विधानसभा में भी सीटों की संख्या 243 से बढ़कर 365 हो जाती और सदन में 120 महिला विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित होती। विपक्ष के इस नकारात्मक रवैये को पार्टी ने ‘महिला विरोधी’ और ‘विकास विरोधी’ करार दिया है। नेताओं का मानना है कि इस कदम से बिहार के हक और अधिकार की अनदेखी की गई है, जिसके लिए जनता आगामी चुनावों में महागठबंधन को करारा जवाब देगी। प्रखंडों और पंचायतों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया इस धिक्कार मार्च में जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष सोनू कुशवाहा के साथ प्रेम कुमार, चंदन, चमेली वर्मा, इन्दु देवी और संजू देवी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी बात रखी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि परिसीमन सुधार के जिस अभियान को लेकर पूर्व में मुजफ्फरपुर, पटना और गया जैसे शहरों में महारैलियां की गई थीं, उस संघर्ष को अंतिम मुकाम तक पहुँचाने के लिए उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। नेताओं ने दावा किया कि देश की आधी आबादी प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक पहल के साथ खड़ी है और विपक्ष की इस बाधा का प्रभाव उनके वोट बैंक पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा। लोकसभा में महागठबंधन और विपक्षी दलों की ओर से परिसीमन सुधार तथा महिला आरक्षण के विरोध में किए गए मतदान के खिलाफ राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के आह्वान पर बुधवार को नालंदा जिला मुख्यालय में ‘धिक्कार मार्च’ का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों की नीतियों के प्रति अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। जिला अध्यक्ष सोनू कुशवाहा ने प्रोटेस्ट के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने संसद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था, जिसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देना था, लेकिन महागठबंधन ने गंदी राजनीति के चलते इसे सदन में पास नहीं होने दिया। ‘बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो जाती’ पार्टी नेताओं ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि यह विधेयक बिहार जैसे राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक था। यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो बिहार में लोकसभा सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो जाती, जिसमें 20 महिलाएं सांसद बनतीं। इसी तरह विधानसभा में भी सीटों की संख्या 243 से बढ़कर 365 हो जाती और सदन में 120 महिला विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित होती। विपक्ष के इस नकारात्मक रवैये को पार्टी ने ‘महिला विरोधी’ और ‘विकास विरोधी’ करार दिया है। नेताओं का मानना है कि इस कदम से बिहार के हक और अधिकार की अनदेखी की गई है, जिसके लिए जनता आगामी चुनावों में महागठबंधन को करारा जवाब देगी। प्रखंडों और पंचायतों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया इस धिक्कार मार्च में जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष सोनू कुशवाहा के साथ प्रेम कुमार, चंदन, चमेली वर्मा, इन्दु देवी और संजू देवी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी बात रखी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि परिसीमन सुधार के जिस अभियान को लेकर पूर्व में मुजफ्फरपुर, पटना और गया जैसे शहरों में महारैलियां की गई थीं, उस संघर्ष को अंतिम मुकाम तक पहुँचाने के लिए उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। नेताओं ने दावा किया कि देश की आधी आबादी प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक पहल के साथ खड़ी है और विपक्ष की इस बाधा का प्रभाव उनके वोट बैंक पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।


