रामपुर मुसहरी स्कूल को 15 साल बाद भी भवन नहीं:चानन में जर्जर सामुदायिक भवन में चल रही पढ़ाई, बारिश में टपकती है छत

रामपुर मुसहरी स्कूल को 15 साल बाद भी भवन नहीं:चानन में जर्जर सामुदायिक भवन में चल रही पढ़ाई, बारिश में टपकती है छत

लखीसराय के चानन प्रखंड अंतर्गत इटौन पंचायत के रामपुर मुसहरी गांव में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की स्थापना वर्ष 2011 में दलित समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। 15 साल बाद भी यह विद्यालय अपने भवन से वंचित है और एक जर्जर सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों, जिनमें मुनेश्वर मांझी, रामप्रवेश कुमार, भीम मांझी, उमेश मांझी और अशोक कुमार शामिल हैं, ने बताया कि जिस सामुदायिक भवन में स्कूल चल रहा है, उसकी हालत अत्यंत खराब है। बरसात के दिनों में छत से लगातार पानी टपकता रहता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। कई बार छात्रों को एक कोने में सिमटकर बैठना पड़ता है या पढ़ाई रोकनी पड़ती है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्मिता कुमारी ने जानकारी दी कि स्कूल में लगभग 50 से 60 बच्चे नामांकित हैं। विद्यालय में एक प्रधानाध्यापिका सहित कुल तीन शिक्षिकाएं पदस्थापित हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय के लिए अलग भवन निर्माण की मांग को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) कार्यालय और चानन प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया कुमारी को कई बार लिखित आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। अपना भवन न होने के कारण बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना का भी समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। रसोईघर और भंडारण की उचित व्यवस्था न होने से भोजन वितरण में भी कठिनाई होती है। लखीसराय के चानन प्रखंड अंतर्गत इटौन पंचायत के रामपुर मुसहरी गांव में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की स्थापना वर्ष 2011 में दलित समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। 15 साल बाद भी यह विद्यालय अपने भवन से वंचित है और एक जर्जर सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों, जिनमें मुनेश्वर मांझी, रामप्रवेश कुमार, भीम मांझी, उमेश मांझी और अशोक कुमार शामिल हैं, ने बताया कि जिस सामुदायिक भवन में स्कूल चल रहा है, उसकी हालत अत्यंत खराब है। बरसात के दिनों में छत से लगातार पानी टपकता रहता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। कई बार छात्रों को एक कोने में सिमटकर बैठना पड़ता है या पढ़ाई रोकनी पड़ती है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्मिता कुमारी ने जानकारी दी कि स्कूल में लगभग 50 से 60 बच्चे नामांकित हैं। विद्यालय में एक प्रधानाध्यापिका सहित कुल तीन शिक्षिकाएं पदस्थापित हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय के लिए अलग भवन निर्माण की मांग को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) कार्यालय और चानन प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया कुमारी को कई बार लिखित आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। अपना भवन न होने के कारण बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना का भी समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। रसोईघर और भंडारण की उचित व्यवस्था न होने से भोजन वितरण में भी कठिनाई होती है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *