Madhya Pradesh Political News- मध्यप्रदेश में एक बार फिर चुनाव का दौर शुरू हो रहा है। इस बार राज्यसभा चुनाव के लिए घमासान होगा। राज्यसभा चुनाव में तीन सीटों पर चुनाव होंगे, जिनमें से दो सीटें भाजपा के पास है और तीसरी सीट कांग्रेस के कब्जे में है। भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन भोपाल से लेकर दिल्ली तक चल रही हलचल को देख इसी सप्ताह भाजपा अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। इस बार तीसरी सीटों को लेकर भी सभी की धड़कनें तेज हो गई है, क्योंकि ऐसा न हो तीसरी सीट कांग्रेस से खिसककर भाजपा के खेमे में चले जाए।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर घमासान तेज होता दिख रहा है। मध्यप्रदेश से राज्यसभा में जाने वाले उम्मीदवारों के नामों पर भाजपा में मंथन का दौर चल रहा है। अंतिम मोहर दिल्ली से लग सकती है। इसी सप्ताह उम्मीदवारों की सूची जारी हो सकती है। क्योंकि राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए 8 जून अंतिम तारीख है। इस बार विधानसभा के विधायकों का गणित ऐसा है कि भाजपा तीसरा उम्मीदवार भी खड़ा कर सकती है। कांग्रेस को इस बार क्रॉस वोटिंग का भी खतरा है।
बदल सकती है कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में भी फूंक-फूंककर कदम रख रही है। भाजपा के उम्मीदवारों के ऐलान के बाद कांग्रेस अपने पत्ते खोलेगी। ऐसे भी कयास लग रहे हैं कि यदि भाजपा तीसरी सीट पर भी प्रत्याशी उतार देती है तो कांग्रेस पूर्व सीएम कमलनाथ को भी उतार सकती है। यदि भाजपा अपने दो ही उम्मीदवार उतारती है तो कांग्रेस की रणनीति भी सीमित ही रहेगी।
तीन सीटें हो रही हैं खाली
मध्यप्रदेश विधानसभा की सदस्य संख्या 230 है। तीन जून को मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। इनमें दो सदस्य भाजपा के हैं, इनमें सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन हैं। जबकि कांग्रेस के दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh Rajya Sabha seat) की भी सीट जून 2026 में खाली हो रही है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 65 विधायक हैं और कांग्रेस के 164 विधायक हैं।
ऐसे बिगड़ सकता है गणित
राज्यसभा में कांग्रेस की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायक होना जरूरी है। काग्रेस के 65 विधायकों में से तीन विधायकों पर संकट आ गया है। इस प्रकार कांग्रेस के पास 62 विधायक रह जाते हैं। यदि कांग्रेस के चार विधायक निष्क्रिय हुए तो यह सीट भाजपा के खाते में जा सकती है। इससे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर साजिश रचने के आरोप लगाए थे। मई में संभावित राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विधायकों को तोड़ने और खरीदने की कोशिश की जा रही है। रीवा के सेमरिया विधायक अभय मिश्रा और भोपाल मध्य के विधायक आरिफ मसूद के पुराने मामलों के अचानक सक्रिय होने को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
तीन कांग्रेस नेताओं पर आया संकट
0-श्योपुर जिले के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा (Mukesh Malhotra MLA case) की विधायकी पर तलवार लटकी हुई है, उन्हें वोट डालने से रोका गया है।
0-सागर जिले की बीना से विधायक निर्मला सप्रे (Nirmala Sapre BJP support) दलबदल कानून के दायरे में घिरी हैं। उन्हें भाजपा के साथ बताया जा रहा है।
0-तीसरी घटना दतिया से कांग्रेस विधायक के साथ हो गई है। उन्हें आर्थिक अनियमितता के मामले में तीन साल की सजा कोर्ट ने सुनाई है। उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया।


