राजस्थान की सबसे चौड़ी मुकुंदरा टनल जून में होगी पूरी, दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे पर बन रही 4.9 किमी लंबी सुरंग

राजस्थान की सबसे चौड़ी मुकुंदरा टनल जून में होगी पूरी, दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे पर बन रही 4.9 किमी लंबी सुरंग

Delhi-Mumbai 8 Lane Expressway Mukundra Tunnel Work Update: दिल्ली-मुंबई आठ लेन एक्सप्रेस-वे पर बन रही प्रदेश की सबसे चौड़ी मुकुंदरा टनल में यातायात की शुरुआत फिलहाल टल गई है। इसकी रोड सेफ्टी ऑडिट के दौरान कुछ कमियां सामने आई हैं। सेफ्टी ऑडिट के दौरान टीम को टनल में लाइट्स, साइनेज और रोड मार्किंग के कार्य अधूरे मिले। इसके चलते टनल को क्लीयरेंस नहीं मिल पाया। पहले इसे 15 मई से शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन निर्माण कंपनियां सुरक्षा मानकों से जुड़े कार्य समय पर पूरे नहीं कर पाईं।

सेफ्टी ऑडिट में इसकी कई तकनीकी और सुरक्षा संबंधी खामियां सामने आ गईं। इसी कारण एजेंसियों ने संचालन की अनुमति नहीं दी। क्लीयरेंस नहीं मिलने के चलते फिलहाल टनल में यातायात शुरू करने का निर्णय टाल दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने तक मुकुंदरा टनल को शुरू नहीं किया जाएगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने सेफ्टी ऑडिट टीम से मिले निर्देशों के अनुसार मुकुंदरा टनल में सुरक्षा संबंधी कार्य शुरू करवा दिए हैं। टनल में फायर सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, लाइटिंग और वेंटिलेशन जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। सभी सुधार कार्य पूरे होने के बाद रोड सेफ्टी टीम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उनकी अनुमति मिलने के बाद ही टनल में यातायात शुरू किया जाएगा। गुजरात में शेष कार्य पूरा होने के बाद दिल्ली से मुंबई तक निर्बाध यातायात संभव हो सकेगा।

  • 2019 में शुरू हुआ काम
  • 1000 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट की कुल लागत
  • 38 मीटर चौड़ी टनल
  • 1.6 किमी कट एंड कवर
  • 4.9 कुल लंबाई

वन विभाग ने लिखा पत्र

इधर, वन विभाग ने एनएचएआइ को पत्र लिखकर टनल से निकलने वाले पानी का उपयोग वन्यजीवों के लिए सुनिश्चित करने को कहा है। मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक मुत्थु एस ने बताया कि टनल से बड़ी मात्रा में पानी बाहर निकल रहा है। यदि इसका सही उपयोग नहीं किया गया तो वन क्षेत्र के वाटरहॉल सूख सकते हैं। ऐसे में इस पानी का उपयोग वन्यजीवों के पेयजल के रूप में करने की योजना बनाई जाएगी। इसके लिए वन विभाग और एनएचएआइ की संयुक्त बैठक भी होगी।

जून अंत तक काम होगा पूरा

सेफ्टी ऑडिट टीम द्वारा सुझाए गए बिंदुओं पर काम शुरू कर दिया गया है। टनल के दूसरे चार लेन के हिस्से का काम भी अंतिम चरण में है। इसमें लाइटिंग, फैन और अन्य उपकरण लगाने का कार्य चल रहा है, जिसे जून माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद टनल में दोनों ओर से निर्बाध यातायात शुरू हो जाएगा।
संदीप अग्रवाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ, कोटा

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