Beawar Bharatpur expressway Update: बामनवास (सवाईमाधोपुर)। प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे के अलाइनमेंट को बदलने की मांग को लेकर रविवार को ग्राम कोहली प्रेमपुरा एवं लिवाली के ग्रामीणों ने राज्य सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को पिपलाई में ज्ञापन सौंपा। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा गंडाल गांव जाते समय पिपलाई पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे का वर्तमान अलाइनमेंट गांव के प्रमुख जल स्रोतों एवं आबादी क्षेत्र के बेहद नजदीक से गुजर रहा है।
इससे ग्राम कोहली प्रेमपुरा का मुख्य तालाब प्रभावित होगा, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा ग्राम लिवाली-ए के करीब आठ महत्वपूर्ण कुएं भी परियोजना की जद में आ रहे हैं, जिन पर ग्रामीणों की पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था निर्भर है।

ग्रामीणों ने मांग की कि अलाइनमेंट को आबादी क्षेत्र से कम से कम 500 मीटर दूर स्थानांतरित किया जाए ताकि गांव दो हिस्सों में विभाजित होने से बच सके। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अधिग्रहण की जद में आने वाली अधिकांश भूमि बहुफसली कृषि भूमि है, जो ग्रामीण परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है। भूमि अधिग्रहण के बाद किसानों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।
एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध
उधर, ब्यावर- भरतपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का बयाना क्षेत्र में विरोध तेज हो गया। शुक्रवार को ग्राम पंचायत ब्रह्मबाद स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र पर आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने एकजुट होकर परियोजना का जोरदार विरोध किया था। जनसुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता भूमि अवाप्ति अधिकारी एवं बयाना एसडीएम दीपक मित्तल ने की थी। इसमें सिंघाड़ा, सिंघानखेड़ा, नयावास, ब्रह्मबाद, खटका, बरौदा, बाबरी, बिरहठा, खेरिया, नारौली और सूपा सहित आसपास के लगभग 100 प्रभावित ग्रामीण मौजूद रहे थे।
342 किलोमीटर लंबा होगा
ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे अजमेर, जयपुर, टोंक, दौसा, सवाईमाधोपुर जिले से होते हुए निकलेगा। यह एक्सप्रेसवे ब्यावर के नेशनल हाईवे 58 से शुरू होकर, मसूदा, बांदनवाड़ा, भिनाय, नागोला, केकड़ी, फागी, माधोराजपुरा, टोडारायसिंह, निवाई, लालसोट, निर्झरना, गंगापुर सिटी होते हुए भरतपुर में नेशनल हाईवे 21 पर जाकर मिलेगा। 342 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे 14 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा। नए एक्सप्रेसवे के लिए 3175 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा।


