dholpur: 78 करोड़ खर्च कर बिछाई लाइन पर गांवों में एक बूंद पानी नहीं

dholpur: 78 करोड़ खर्च कर बिछाई लाइन पर गांवों में एक बूंद पानी नहीं

dholpur, सरमथुरा ब्लॉक में जेजेएच योजना बनी मजाक, लोग ले रहे बरसाती पानी का सहाराडांग इलाके में सिर्फ तीन गांवों में टैंकरों से पेयजल सप्लाई हुई शुरू, चौदह गांव चिह्नितसरमथुरा.भीषण और प्रचंड गर्मी में सरमथुरा उपखंड के डांग क्षेत्र के लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव के अंदर हेडपंप सूख चुके हैं, ग्रामीण पोखर, तालाब, कुइयां में जमा बरसाती पानी से प्यास बुझाने को मजबूर हैं। गंदा और दुर्गंध युक्त पानी बीमारी का भी सबब बना हुआ है।

सरकार ने तीन वर्ष पूर्व सरमथुरा ब्लॉक में जेजेएम योजना के तहत 78 करोड़ की एमपी/ओटीएमपी योजना स्वीकृत कर गांवों में 357 किमी पाइपलाइन बिछाई गई। फिर भी गांवों में पानी की बूंद नहीं पहुंच रही है। धरातल पर जेजेएम योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा। बसेड़ी विधायक ने जेजेएम योजना में खामियां बताते हुए जलदाय विभाग के अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की है।बसेडी विधायक संजय कुमार जाटव ने शनिवार को जलदाय विभाग एक्सइएन देशराज गुर्जर व प्रोजेक्ट एक्सइएन रविन्द्र लोधा से जेजेएम योजना पर विस्तृत चर्चा करते हुए वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। विधायक ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को मदनपुर, धौन्ध व गौलारी पंचायत के गांवों में अधूरी लाइन बिछाने पर खरीखोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि गांवों में योजना की हालत ऐसी है कि नियमों को ताक में रखकर कार्य को अंजाम दिया हुआ है। कई गांवों में पाइप लाइन को घरों के पिछवाड़े तो कही घरों से दूरी पर बिछाकर नल कनेक्शन दिए गए हैं।

विधायक ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को बताया कि झिरी, आंगई व शहर में जेजेएम योजना के तहत बने उच्च जलाशयों को लाइन से ही नहीं जोड़ा गया है। जिसके कारण गांवों में पानी नही पहुंच रहा है। इसीप्रकार खरौली व अमानपुरा में स्थित उच्च जलाशय से चन्द्रावली, वीलौनी तक पानी नहीं पहुंचने के कारण गांवों में पेयजल संकट फैला हुआ है। इस मौके पर जेईएन आशीष परमार, जेसीकेसी इंचार्ज रवि कुमार सहित चन्द्रावली सरपंच प्रतिनिधि मौजूद थे।

डांग इलाके में चौदह गांव चिह्नित, तीन गांवों में ही टैंकरों से पहुंचा पानी

बसेड़ी विधायक ने जलदाय विभाग के अधिकारियों की ढिलमुल नीतियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन डांग क्षेत्र के चौदह गांवों में पानी की किल्लत को देखते हुए टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने का निर्णय किया गया है। लेकिन चार दिन में जलदाय विभाग बरूअर, विजलपुरा व बौहरेकापुरा सिर्फ तीन गांवों में ही पानी पहुंचा सका है। वहीं झल्ल की झोर में पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त कर गन्ना की खेती करने का आरोप लगाया है।

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