बारां। जिले के शाहाबाद ब्लॉक में एएनएम के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। आरोपों के घेरे में आए ब्लॉक सीएमओ डॉ. शेख आरिफ इकबाल को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले रविवार देर रात चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान, जयपुर के निदेशक (जन स्वास्थ्य) के आदेश पर उन्हें एपीओ कर कार्यमुक्त कर दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता एएनएम ने 2 अप्रैल को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कार्यस्थल पर उनके साथ अनुचित व्यवहार, छेड़छाड़ और मारपीट जैसी घटनाएं की गईं। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने बताया कि जांच के बाद आरोपी सीएमओ को गिरफ्तार किया गया है और मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
जांच में दोषी पाया गया डॉक्टर
इस मामले की प्रारंभिक जांच विशाखा समिति द्वारा की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों को गंभीर मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया था। रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पद से हटाने का निर्णय लिया।
आरोपों की पुष्टि होने के बाद हुई कार्रवाई
डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया।
सीएचसी पर तैनात हुए दूसरे चिकित्सक
गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए देवरी सीएचसी प्रभारी डॉ. श्रवण कुमार शर्मा को शाहाबाद का नया बीसीएमओ नियुक्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग कार्यस्थल पर अनुशासन और सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
सामाजिक संगठनों ने बर्खास्तगी की उठाई मांग
इधर, इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई है। विभिन्न संगठनों ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सेवा से बर्खास्त करने की मांग उठाई है। कुछ संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस ने क्या कहा?
वहीं, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार होगी। पूरे प्रकरण के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


