जयपुर। राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। खासतौर पर श्रीगंगानगर जिले के ग्रामीण इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। यहां बेर के आकार के ओले गिरने से फसलों और जनजीवन पर असर पड़ा है। तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है।
घड़साना और पतरोडा क्षेत्र में दोपहर तक तेज धूप खिली हुई थी, लेकिन अचानक मौसम बदल गया। आसमान में घने बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इस दौरान जमकर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया और दृश्यता भी कम हो गई। इसी तरह अनूपगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने की खबरें सामने आई हैं।
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2-3 दिन बारिश होने की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, प्रदेश में यह बदलाव नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आया है। इसके प्रभाव से बीकानेर जिले के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है, वहीं चूरू और नागौर में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 2 से 3 दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट के तहत चूरू, सीकर, नागौर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। इन परिस्थितियों में कच्चे मकानों, कमजोर संरचनाओं, पेड़ों और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंच सकता है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
वहीं येलो अलर्ट के तहत सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी, बारां, कोटा, जयपुर और हनुमानगढ़ जिलों में हल्की बारिश, बिजली गिरने और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद कर दें।


