उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले की सांसद/विधायक अदालत ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तिथि तय की। इस दिन राहुल गांधी को अदालत में आना पड़ेगा। वादी भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि आज अदालत ने फैसले की तिथि 26 अक्टूबर तय की क्योंकि दोनों पक्षों की तरफ से बहस हो चुकी है। पांडेय ने बताया कि प्रतिवादी (राहुल गांधी) पक्ष द्वारा लिखित बहस दाखिल की जा चुकी है, जिसमें अनुच्छेद 17 और 18 (मुख्यतः 18) में उन्होंने घटना और भाषण को स्वीकार किया है।
बचाव पक्ष ने धारा 499 (अपमानलेख/मानहानि) के अपवाद उपबंध नौ का सहारा लेते हुए कहा है कि यह बयान सद्भावना की दृष्टि से दिया गया था और उनका मकसद किसी की मानहानि करना नहीं था। पांडेय ने अदालत में कहा कि घटना स्वीकार किए जाने के बाद अब साबित करने का भार आरोपी पक्ष पर है। उन्होंने आरोप लगाया था कि बयान दूषित मानसिकता के साथ दिया गया था। उन्होंने अदालत से आरोपी को दोषी ठहराने की मांग की। राहुल गांधी पर 2018 में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ बेंगलुरू चुनाव के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता विजय मिश्र ने मानहानि का परिवाद अदालत में दायर किया था। अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी ने अदालत में हाजिर होकर जमानत कराई थी। इसके बाद परिवादी विजय मिश्र ने राहुल गांधी की आवाज के नमूने का मिलान कराने के लिए अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।

