पूर्णिया के सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बुधवार को बी कोठी पीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ड्रग स्टोर, ओपीडी और प्रसव कक्ष सहित विभिन्न विभागों का जायजा लिया। सिविल सर्जन ने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि मरीजों को कम से कम पांच दिनों की दवाएं लिखी जाएं और आवश्यकतानुसार विटामिन की दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने दवाओं के उचित रखरखाव को लेकर भी निर्देश दिए, जिसमें कहा गया कि जिन दवाओं की एक्सपायरी तिथि नजदीक है, उनका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निरीक्षण के दौरान, सिविल सर्जन ने केवल इमरजेंसी में चिकित्सकों की उपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व सूचना के बावजूद सभी चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, अनुपस्थित चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान मौजूद कर्मी … इसके अतिरिक्त, डॉ. कनौजिया ने सीएचओ की बैठक में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। पूर्णिया के सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बुधवार को बी कोठी पीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ड्रग स्टोर, ओपीडी और प्रसव कक्ष सहित विभिन्न विभागों का जायजा लिया। सिविल सर्जन ने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि मरीजों को कम से कम पांच दिनों की दवाएं लिखी जाएं और आवश्यकतानुसार विटामिन की दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने दवाओं के उचित रखरखाव को लेकर भी निर्देश दिए, जिसमें कहा गया कि जिन दवाओं की एक्सपायरी तिथि नजदीक है, उनका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निरीक्षण के दौरान, सिविल सर्जन ने केवल इमरजेंसी में चिकित्सकों की उपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व सूचना के बावजूद सभी चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, अनुपस्थित चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान मौजूद कर्मी … इसके अतिरिक्त, डॉ. कनौजिया ने सीएचओ की बैठक में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।


