चित्रकूट में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डी.पी. पाल की अध्यक्षता में हीट वेव (लू) से बचाव एवं राहत व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक हुई। इसमें अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन तक समय रहते जरूरी सूचनाएं पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। सीडीओ डी.पी. पाल ने आमजन से दोपहर में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचने की अपील की। उन्होंने सलाह दी कि भोजन सुबह के समय ही तैयार कर लिया जाए। यदि किसी जरूरी कार्य से बाहर निकलना पड़े तो सिर और चेहरे को अंगोछे, टोपी या सूती कपड़े से ढककर ही निकलें। उन्होंने कहा कि लू से बचने के लिए शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। लोगों को लगातार पानी और ओआरएस का सेवन करते रहने की सलाह भी दी गई। विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश बैठक में पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई। सीडीओ ने निर्देश दिए कि सभी ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले अलर्ट संदेशों को तत्काल गांव-गांव तक पहुंचाएं। उन्होंने जोर दिया कि चेतावनी संबंधी सूचनाओं का समय पर प्रसारण होने से जनहानि को रोका जा सकता है। आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा। सीडीओ ने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच लू का प्रभाव सबसे अधिक रहता है, इसलिए इस दौरान खेतों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) स्वप्निल कुमार यादव, उपजिलाधिकारी मानिकपुर मोहम्मद जसीन, जिला पंचायत राज अधिकारी देवेंद्र सिंह सहित विभिन्न ग्रामों के प्रधान और पंचायत सचिव मौजूद रहे।


