मधेपुरा में सफाई कर्मियों का प्रोटेस्ट:12 महीने से नहीं मिला सैलरी, बोले- परिवार चलाना हुआ मुश्किल

मधेपुरा में सफाई कर्मियों का प्रोटेस्ट:12 महीने से नहीं मिला सैलरी, बोले- परिवार चलाना हुआ मुश्किल

मधेपुरा सदर प्रखंड क्षेत्र के भदौल बुधमा पंचायत में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों ने बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर पंचायत सरकार भवन परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबे समय से काम करने के बावजूद उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिल रही है। स्वच्छता कर्मियों ने बताया कि वे लोग पिछले 18 महीने से डॉ. लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत पंचायत में नियमित रूप से सफाई कार्य कर रहे हैं। इसके बदले अब तक केवल 6 महीने का ही वेतन मिला है। कर्मियों के अनुसार उन्हें कुल 18 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि बाकी 12 महीने का वेतन अभी तक लंबित है। समय पर वेतन नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल कर्मियों ने कहा कि उनके परिवार का भरण-पोषण इसी आय पर निर्भर करता है। समय पर वेतन नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। कई कर्मियों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह पंचायत क्षेत्र की सफाई करते-करते 11 बजे तक समय हो जाता है। अन्य जगहों पर मजदूरी करने भी नहीं जा पाते इसके कारण वे लोग खेतों या अन्य जगहों पर मजदूरी करने भी नहीं जा पाते हैं। ऐसे में वेतन नहीं मिलने से उनकी स्थिति और खराब हो रही है। स्वच्छता कर्मियों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने तथा जल्द से जल्द बकाया वेतन भुगतान कराने की मांग की। प्रदर्शन में मुकेश शर्मा, राधे ऋषिदेव, वकील महतो समेत कई स्वच्छता कर्मी मौजूद थे। मधेपुरा सदर प्रखंड क्षेत्र के भदौल बुधमा पंचायत में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों ने बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर पंचायत सरकार भवन परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबे समय से काम करने के बावजूद उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिल रही है। स्वच्छता कर्मियों ने बताया कि वे लोग पिछले 18 महीने से डॉ. लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत पंचायत में नियमित रूप से सफाई कार्य कर रहे हैं। इसके बदले अब तक केवल 6 महीने का ही वेतन मिला है। कर्मियों के अनुसार उन्हें कुल 18 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि बाकी 12 महीने का वेतन अभी तक लंबित है। समय पर वेतन नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल कर्मियों ने कहा कि उनके परिवार का भरण-पोषण इसी आय पर निर्भर करता है। समय पर वेतन नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। कई कर्मियों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह पंचायत क्षेत्र की सफाई करते-करते 11 बजे तक समय हो जाता है। अन्य जगहों पर मजदूरी करने भी नहीं जा पाते इसके कारण वे लोग खेतों या अन्य जगहों पर मजदूरी करने भी नहीं जा पाते हैं। ऐसे में वेतन नहीं मिलने से उनकी स्थिति और खराब हो रही है। स्वच्छता कर्मियों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने तथा जल्द से जल्द बकाया वेतन भुगतान कराने की मांग की। प्रदर्शन में मुकेश शर्मा, राधे ऋषिदेव, वकील महतो समेत कई स्वच्छता कर्मी मौजूद थे।  

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