प्रोजेक्ट अधूरा: 5 करोड़ के इंतजार में थमा डूंगर कॉलेज का ‘ड्रीम ऑडिटोरियम’

प्रोजेक्ट अधूरा: 5 करोड़ के इंतजार में थमा डूंगर कॉलेज का ‘ड्रीम ऑडिटोरियम’

बीकानेर को आधुनिक सुविधाओं वाला बड़ा ऑडिटोरियम देने का सपना फिलहाल बजट की फाइलों में अटका हुआ है। संभाग के सबसे बड़े राजकीय डूंगर महाविद्यालय में बन रहा हाईटेक ऑडिटोरियम शुरुआती दौर में तेजी से आगे बढ़ा, लेकिन अब धनाभाव के चलते इसका काम ठप पड़ गया है। शहर को बड़े आयोजनों के लिए आधुनिक मंच देने वाला यह प्रोजेक्ट अब सरकारी स्वीकृति और जनप्रतिनिधियों की पहल का इंतजार कर रहा है। कॉलेज प्रशासन लगातार कॉलेज आयुक्तालय और जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर बजट उपलब्ध करवाने की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक ठोस प्रगति नहीं हो पाई है।
खास बात यह है कि बीकानेर से एक केंद्रीय मंत्री और राज्य सरकार में एक कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद संभाग के सबसे बड़े महाविद्यालय का यह महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बजट के इंतजार में अटका हुआ है। शहर के कई जनप्रतिनिधि इसी कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन अब भी विकास कार्यों के लिए चक्कर लगाने को मजबूर है।

2023 में शुरू हुआ था निर्माण
डूंगर कॉलेज में ऑडिटोरियम निर्माण कार्य वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। दो वर्षों में सिविल वर्क और पहले चरण का अधिकांश काम पूरा कर लिया गया। अब शेष कार्यों में एक हजार से अधिक कुर्सियां, एयर कंडीशनिंग, लाइटिंग, ऑडियो-वीडियो सिस्टम और अन्य तकनीकी सुविधाएं स्थापित की जानी हैं। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि करीब पांच करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट मिल जाए, तो यह प्रोजेक्ट शीघ्र पूरा किया जा सकता है।

बीकानेर को मिलेगा हाईटेक मंच
निर्माण पूरा होने के बाद यह ऑडिटोरियम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। दो मंजिला भवन में लिफ्ट सुविधा, अलग प्रवेश और निकास द्वार, वीआईपी गेट, हाईटेक म्यूजिक सिस्टम और 10 से अधिक कमरे बनाए गए हैं। ऑडिटोरियम 47.46 गुणा 66.80 मीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसमें 18.51 गुणा 9.12 मीटर का विशाल मंच और 5 गुणा 6.86 मीटर का रिहर्सल रूम भी बनाया गया है। परिसर में पार्क और वाहन पार्किंग की सुविधा भी प्रस्तावित है।

वित्त विभाग को भेजा गया प्रस्ताव
कॉलेज प्राचार्य प्रो. राजेंद्र ने बताया कि शेष कार्यों के लिए कॉलेज आयुक्तालय और जनप्रतिनिधियों से बजट स्वीकृत करवाने का आग्रह किया गया था। आयुक्तालय की ओर से प्रस्ताव मांगे जाने के बाद पांच करोड़ रुपए की मांग संबंधी फाइल वित्त विभाग को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि पीटीईटी की बचत राशि में से डूंगर कॉलेज को प्रोत्साहन राशि के रूप में करीब 25 करोड़ रुपए मिलना अभी बाकी है। यदि सरकार उस राशि में से कुछ हिस्सा उपलब्ध करवा दे, तो ऑडिटोरियम का कार्य आसानी से पूरा हो सकता है।

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