पाकिस्तान में छिपे वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क पर धनबाद पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। उसके करीबी सहयोगी सैफी अब्बास उर्फ ‘मेजर’ को रविवार को कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। सैफी लंबे समय से पुलिस की नजर में था और उसके मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी बीच इनपुट मिला कि वह दुबई से कोलकाता लौट रहा है। सूचना मिलते ही धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम और सिंदरी एसडीपीओ आशुतोष की टीम कोलकाता रवाना की गई। फ्लाइट लैंड होने के बाद जैसे ही सैफी एयरपोर्ट से बाहर निकलने लगा, इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे डिटेन कर लिया। पश्चिम बंगाल एसटीएफ भी रंगदारी के एक मामले में उसकी तलाश कर रही थी। एयरपोर्ट पर ही उससे प्रारंभिक पूछताछ की गई। प्रिंस गैंग का ‘मेजर’ निकला सैफी जांच में सामने आया है कि ‘मेजर’ के नाम से झारखंड में दहशत फैलाने वाला कोई और नहीं बल्कि सैफी अब्बास ही है। वह छद्म नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने, धमकी भरे ऑडियो-वीडियो और मैसेज भेजने के साथ-साथ पर्चे फिंकवाने का काम करता था। धनबाद पुलिस को पूछताछ में प्रिंस खान के पूरे नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिससे आने वाले दिनों में बड़े खुलासे संभव हैं। सैफी के खिलाफ धनबाद समेत राज्य के विभिन्न थानों में 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। आसनसोल में दर्ज एक रंगदारी केस में पश्चिम बंगाल पुलिस सोमवार को उसे कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद धनबाद पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उसे अपने साथ ला सकती है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ‘मेजर’ नाम से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन धमकी भरे ऑडियो-वीडियो लगातार सामने आते रहे। अब सैफी की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि प्रिंस गैंग की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलेगी। प्रिंस की दुबई शिफ्टिंग के बाद गोपी के साथ सैफी भी वहां पहुंचा वर्ष 2021 में वासेपुर में नन्हे खान की हत्या के बाद प्रिंस खान दुबई भाग गया। उसका भाई गोपी खान, साला और एक अन्य रिश्तेदार भी दुबई पहुंच गए। वहां सैफी के जरिए प्रिंस रंगदारी के लिए ऑडियो, वीडियो मैसेज भेज कर धनबाद और अन्य जिलों में आतंक फैलाने लगा। हमले और फायरिंग भी करवाई। लाल डायरी मिली, उसमें लिखा है… किसने कितनी रंगदारी दी सैफी के सामान की तलाशी में पुलिस को एक लाल डायरी मिली है। यह रंगदारी प्रकरण का काला दस्तावेज है, जिसमें रंगदारी प्रकरण का लेनदेन का पूरा हिसाब है। रंगदारी देने वाले और किसे पैसा भेजा गया, उनके नाम के साथ रकम दर्ज है। पुलिस को डायरी से यह पता चल पाएगा कि धनबाद के अलावा राज्य के अन्य जिलों से कौन-कौन व्यवसायी रंगदारी दे रहे थे। बांग्लादेश भागने की तैयारी में था मेजर सैफी के मोबाइल की जांच में धनबाद पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। धनबाद के अलावा रांची, जमशेदपुर, पलामू में व्यवसायियों को भेजे गए धमकी भरे दर्जनों ऑडियो-वीडियो मैसेज मिले हैं। यह भी जानकारी मिली है कि जांच एजेंसियों की दबिश के बीच प्रिंस कैसे कमजोर हुआ और डंकी रूट से पाकिस्तान भाग गया। प्रिंस की टीम में शामिल अन्य लोग भी इधर-उधर छिपे हुए हैं। दबिश के बीच ही सैफी भाग कर कोलकाता आया था। पकड़ा नहीं जाता तो वह भी डंकी रूट से बांग्लादेश भाग जाता। उसके बांग्लादेश भागने का रूटमैप भी पुलिस को हाथ लगा है। भागने में उसके मददगार भी अब रडार में हैं। पाकिस्तान में छिपे वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क पर धनबाद पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। उसके करीबी सहयोगी सैफी अब्बास उर्फ ‘मेजर’ को रविवार को कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। सैफी लंबे समय से पुलिस की नजर में था और उसके मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी बीच इनपुट मिला कि वह दुबई से कोलकाता लौट रहा है। सूचना मिलते ही धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम और सिंदरी एसडीपीओ आशुतोष की टीम कोलकाता रवाना की गई। फ्लाइट लैंड होने के बाद जैसे ही सैफी एयरपोर्ट से बाहर निकलने लगा, इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे डिटेन कर लिया। पश्चिम बंगाल एसटीएफ भी रंगदारी के एक मामले में उसकी तलाश कर रही थी। एयरपोर्ट पर ही उससे प्रारंभिक पूछताछ की गई। प्रिंस गैंग का ‘मेजर’ निकला सैफी जांच में सामने आया है कि ‘मेजर’ के नाम से झारखंड में दहशत फैलाने वाला कोई और नहीं बल्कि सैफी अब्बास ही है। वह छद्म नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने, धमकी भरे ऑडियो-वीडियो और मैसेज भेजने के साथ-साथ पर्चे फिंकवाने का काम करता था। धनबाद पुलिस को पूछताछ में प्रिंस खान के पूरे नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिससे आने वाले दिनों में बड़े खुलासे संभव हैं। सैफी के खिलाफ धनबाद समेत राज्य के विभिन्न थानों में 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। आसनसोल में दर्ज एक रंगदारी केस में पश्चिम बंगाल पुलिस सोमवार को उसे कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद धनबाद पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उसे अपने साथ ला सकती है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ‘मेजर’ नाम से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन धमकी भरे ऑडियो-वीडियो लगातार सामने आते रहे। अब सैफी की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि प्रिंस गैंग की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलेगी। प्रिंस की दुबई शिफ्टिंग के बाद गोपी के साथ सैफी भी वहां पहुंचा वर्ष 2021 में वासेपुर में नन्हे खान की हत्या के बाद प्रिंस खान दुबई भाग गया। उसका भाई गोपी खान, साला और एक अन्य रिश्तेदार भी दुबई पहुंच गए। वहां सैफी के जरिए प्रिंस रंगदारी के लिए ऑडियो, वीडियो मैसेज भेज कर धनबाद और अन्य जिलों में आतंक फैलाने लगा। हमले और फायरिंग भी करवाई। लाल डायरी मिली, उसमें लिखा है… किसने कितनी रंगदारी दी सैफी के सामान की तलाशी में पुलिस को एक लाल डायरी मिली है। यह रंगदारी प्रकरण का काला दस्तावेज है, जिसमें रंगदारी प्रकरण का लेनदेन का पूरा हिसाब है। रंगदारी देने वाले और किसे पैसा भेजा गया, उनके नाम के साथ रकम दर्ज है। पुलिस को डायरी से यह पता चल पाएगा कि धनबाद के अलावा राज्य के अन्य जिलों से कौन-कौन व्यवसायी रंगदारी दे रहे थे। बांग्लादेश भागने की तैयारी में था मेजर सैफी के मोबाइल की जांच में धनबाद पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। धनबाद के अलावा रांची, जमशेदपुर, पलामू में व्यवसायियों को भेजे गए धमकी भरे दर्जनों ऑडियो-वीडियो मैसेज मिले हैं। यह भी जानकारी मिली है कि जांच एजेंसियों की दबिश के बीच प्रिंस कैसे कमजोर हुआ और डंकी रूट से पाकिस्तान भाग गया। प्रिंस की टीम में शामिल अन्य लोग भी इधर-उधर छिपे हुए हैं। दबिश के बीच ही सैफी भाग कर कोलकाता आया था। पकड़ा नहीं जाता तो वह भी डंकी रूट से बांग्लादेश भाग जाता। उसके बांग्लादेश भागने का रूटमैप भी पुलिस को हाथ लगा है। भागने में उसके मददगार भी अब रडार में हैं।


