पटना यूनिवर्सिटी में सभी प्रशासनिक काम को अब पेपरलेस करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए यूनिवर्सिटी की ओर से डिजिटलीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस साल जून से पेपरलेस काम की शुरुआत हो सकती है। दरअसल, 30 मार्च को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवन (कला संकाय) का उद्घाटन किया था। मगर सरकार के स्तर पर अभी नए भवन को यूनिवर्सिटी को हैंडओवर नहीं किया गया है। यह माना जा रहा है कि विभागीय स्तर पर नए भवन को जून के अंतिम सप्ताह तक यूनिवर्सिटी को हैंडओवर कर दिया जाएगा। फाइलें ऑनलाइन दूसरी जगह किया जाएगा ट्रांसफर अभी एक विभाग से दूसरे विभाग में कर्मचारियों द्वारा फाइल लाने-ले जाने का काम किया जाता है। इसमें कई बार काम पेंडिंग रह जाता था, लेकिन पेपरलेस होने से काम में तेजी आएगी। नए प्रशासनिक भवन में हर फ्लोर पर कंप्यूटर की व्यवस्था होगी। भवन में INTRANET लगाया जाएगा। इससे भवन में एक जगह से दूसरी जगह पर काम करने में फाइल को इधर-उधर भेजना नहीं पड़ेगा। फाइल को ऑनलाइन ही एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाएगा। इससे पेंडिंग काम को जीरो स्तर पर लाने में मदद मिलेगी। 147.29 करोड़ की योजना का उद्घाटन बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी के नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवन (कला संकाय) का तत्कालीन सीएम ने उद्घाटन किया था। यह दोनों भवन 147.29 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए हैं। प्रशासनिक भवन G+8 और एकेडमिक भवन G+9 है। इसके उद्घाटन के बाद नए प्रशासनिक ब्लॉक में पटना यूनिवर्सिटी का मुख्यालय शिफ्ट हो जाएगा। यही पीयू के मौजूदा कार्यालय की जगह लेगा। वहीं, एकेडमिक भवन में दरभंगा हाउस में चल रहे सभी पीजी विभाग शिफ्ट होंगे। इसके साथ ही वाणिज्य कॉलेज को दरभंगा हाउस में फिलहाल शिफ्ट किया जाएगा। बिजली कटने की स्थिति में सोलर प्लांट का करेंगे इस्तेमाल इन दोनों ब्लॉकों का निर्माण बिहार एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा तीन एकड़ में किया गया है। हर फ्लोर पर सुरक्षा के दृष्टि से सीसीटीवी कैमरा, नियंत्रण कक्ष, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, मीटिंग हॉल, सेमिनार हॉल सहित अन्य सभी तरह सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। सभी फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। परिसर में ही विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किया गया है। बिजली कटने की स्थिति में सौर उर्जा प्लांट प्रयोग किया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था के अलावा सुंदर गार्डन का निर्माण किया जा रहा है। पटना यूनिवर्सिटी में सभी प्रशासनिक काम को अब पेपरलेस करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए यूनिवर्सिटी की ओर से डिजिटलीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस साल जून से पेपरलेस काम की शुरुआत हो सकती है। दरअसल, 30 मार्च को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवन (कला संकाय) का उद्घाटन किया था। मगर सरकार के स्तर पर अभी नए भवन को यूनिवर्सिटी को हैंडओवर नहीं किया गया है। यह माना जा रहा है कि विभागीय स्तर पर नए भवन को जून के अंतिम सप्ताह तक यूनिवर्सिटी को हैंडओवर कर दिया जाएगा। फाइलें ऑनलाइन दूसरी जगह किया जाएगा ट्रांसफर अभी एक विभाग से दूसरे विभाग में कर्मचारियों द्वारा फाइल लाने-ले जाने का काम किया जाता है। इसमें कई बार काम पेंडिंग रह जाता था, लेकिन पेपरलेस होने से काम में तेजी आएगी। नए प्रशासनिक भवन में हर फ्लोर पर कंप्यूटर की व्यवस्था होगी। भवन में INTRANET लगाया जाएगा। इससे भवन में एक जगह से दूसरी जगह पर काम करने में फाइल को इधर-उधर भेजना नहीं पड़ेगा। फाइल को ऑनलाइन ही एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाएगा। इससे पेंडिंग काम को जीरो स्तर पर लाने में मदद मिलेगी। 147.29 करोड़ की योजना का उद्घाटन बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी के नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवन (कला संकाय) का तत्कालीन सीएम ने उद्घाटन किया था। यह दोनों भवन 147.29 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए हैं। प्रशासनिक भवन G+8 और एकेडमिक भवन G+9 है। इसके उद्घाटन के बाद नए प्रशासनिक ब्लॉक में पटना यूनिवर्सिटी का मुख्यालय शिफ्ट हो जाएगा। यही पीयू के मौजूदा कार्यालय की जगह लेगा। वहीं, एकेडमिक भवन में दरभंगा हाउस में चल रहे सभी पीजी विभाग शिफ्ट होंगे। इसके साथ ही वाणिज्य कॉलेज को दरभंगा हाउस में फिलहाल शिफ्ट किया जाएगा। बिजली कटने की स्थिति में सोलर प्लांट का करेंगे इस्तेमाल इन दोनों ब्लॉकों का निर्माण बिहार एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा तीन एकड़ में किया गया है। हर फ्लोर पर सुरक्षा के दृष्टि से सीसीटीवी कैमरा, नियंत्रण कक्ष, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, मीटिंग हॉल, सेमिनार हॉल सहित अन्य सभी तरह सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। सभी फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। परिसर में ही विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किया गया है। बिजली कटने की स्थिति में सौर उर्जा प्लांट प्रयोग किया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था के अलावा सुंदर गार्डन का निर्माण किया जा रहा है।


