PRAGATI बैठक में PM Modi ने 16000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की समीक्षा की

PRAGATI बैठक में PM Modi ने 16000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की समीक्षा की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को रेलवे, पीएम एकता मॉल और ‘बल्क ड्रग पार्क’ से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित की जा रही हैं और इनकी लागत 16,000 करोड़ रुपये से अधिक है। आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में ‘प्रगति’ की 54वीं बैठक की अध्यक्षता की।

‘प्रगति’ सूचना प्रद्यौगिकी (आईसीटी)-आधारित एक मल्टी-मॉडल मंच है, जिसका उद्देश्य सक्रिय शासन को बढ़ावा देना और समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। बयान में कहा गया कि बैठक में आर्थिक विकास और जनकल्याण के लिए महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और समस्याओं के समय पर समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि ‘पीएम एकता मॉल’ स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराएं, कारीगरों की आजीविका को मजबूत करें और उनके उद्यमों को विस्तार देने में उनकी मदद करें।

मोदी ने मॉल को पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे मांग बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। बयान में कहा गया कि मोदी ने मुख्य सचिवों द्वारा नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने और मॉल का काम समय पर पूरा होना सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

केंद्रीय बजट 2023-24 में ‘पीएम एकता मॉल’ स्थापित करने की पहल की घोषणा की गई थी। इसका उद्देश्य देश भर के ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) उत्पादों, भौगोलिक संकेत (जीआई) वाले उत्पादों और अन्य हस्तशिल्प वस्तुओं को बढ़ावा देना और उनकी बिक्री करना है। एकता मॉल में प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक समर्पित स्थान का प्रावधान है, जहां वे अपने ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन कर सकते हैं।

बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में ‘बल्क ड्रग पार्कों’ की समीक्षा करते हुए आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए सक्रिय दवा तत्वों (एपीआई) और दवा बनाने में इस्तेमाल अन्य आवश्यक वस्तुओं के घरेलू स्तर पर उत्पादन को प्राथमिकता देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने मुख्य सचिवों से कहा कि वे हर महीने जिलाधिकारियों के साथ योजनाओं की समीक्षा करें, ताकि लागू करने में आ रही कमियों को दूर किया जा सके और यह सुनिश्चित हो सके कि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिलें। मोदी ने रेखांकित किया कि शासन का ध्यान खर्च की गई राशि के बजाय परिणामों पर होना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सार्वजनिक व्यय से लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार आए।

मोदी ने आकांक्षी जिलों और आकांक्षी प्रखंडों में लागू कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कम सुविधा प्राप्त क्षेत्रों में विकास को गति देने में अभिसरण, नियमित निगरानी और स्थानीय जवाबदेही की भूमिका पर प्रकाश डाला। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन को मजबूत करने और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में सुधार लाने के निरंतर प्रयासों से लगभग 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है। अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की समीक्षा के दौरान, मोदी ने यात्रियों की सुविधा और यात्रा को सुगम बनाने के लिए देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने का आह्वान किया।

उन्होंने रेखांकित किया कि पुनर्विकसित स्टेशन को ‘मल्टी मॉडल’ परिवहन केंद्र के रूप में काम करना चाहिए, जहां मेट्रो और अन्य परिवहन नेटवर्क के साथ निर्बाध संपर्क हो। प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों से कहा कि वे मिशन के आधार पर बाधाओं को दूर करें, केंद्र-राज्य और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करें, और सबसे वरिष्ठ स्तर पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करें। मोदी ने हर स्तर पर अधिक जिम्मेदारी लेने वाली एक सक्रिय कार्य-संस्कृति की वकालत की।

साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाया जाए, समय रहते निर्णय लिए जाएं और परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए। ‘प्रगति’ मंच केंद्र और राज्य सरकारों को एक साथ लाता है, ताकि परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके और उनके वितरण में सुधार लाया जा सके।

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