श्रद्धा से मिलने पहुंची महिला को जेल से लौटाया:बैचमेट बताकर मिलना चाह रही थी, फरार आमिर के खिलाफ मिले CCTV साक्ष्य

श्रद्धा से मिलने पहुंची महिला को जेल से लौटाया:बैचमेट बताकर मिलना चाह रही थी, फरार आमिर के खिलाफ मिले CCTV साक्ष्य

लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में जेल में बंद मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर से मिलने पहुंचने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है। मंगलवार सुबह खुद को श्रद्धा की बैचमेट बताकर उससे मुलाकात करने पहुंची एक महिला को बिना उचित कारण बताए जाने पर वापस भेज दिया गया। इससे नाराज महिला ने जेल प्रशासन के सामने आपत्ति भी जताई। पुलिस अब हत्यारोपियों से मिलने जेल पहुंचने वालों का ब्योरा जुटा रही है। जेल प्रशासन ने श्रद्धा और रश्मि को संवेदनशील बैरक में रखा है। दोनों की निगरानी बढ़ा दी गई है। महिला जेल में बंद दोनों बहनों और पुरुष जेल में बंद दानिश पर कैमरों से नजर रखी जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उनसे मिलने कौन-कौन पहुंच रहा है और मुलाकात के पीछे क्या वजह है। फरार आमिर की तलाश, CCTV फुटेज से मिले साक्ष्य शिवा की मौत के बाद श्रद्धा, रश्मि और दानिश को लखनऊ से सीतापुर के रास्ते रुपईडीहा ले जाने और वहां से नेपाल सीमा पार कराने में मदद करने के आरोपी आमिर की तलाश में हजरतगंज पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस को आमिर के खिलाफ CCTV फुटेज से साक्ष्य मिले हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ कर दर्ज मुकदमे में उसका नाम बढ़ाने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आमिर के अलावा तीन से चार अन्य मददगारों को भी चिह्नित किया है। उनकी तलाश में भी दबिश दी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शिवा की मौत के बाद आरोपियों को लखनऊ से बाहर ले जाने और नेपाल सीमा पार कराने की योजना में किसकी क्या भूमिका थी। मानवाधिकार आयोग ने निष्पक्ष जांच के दिए निर्देश शिवा हत्याकांड में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा को पत्र भेजकर मामले को देखने और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत ने 19 अक्टूबर को आयोग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में कहा गया कि 9 अक्टूबर को शिवा शर्मा की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने का भी उल्लेख किया गया। शिकायतकर्ता ने घटना से जुड़े सभी तथ्यों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। आयोग ने 23 अक्टूबर को शिकायत की प्रति पुलिस कमिश्नर, लखनऊ को भेजी। शिकायत में घटनास्थल के CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत जांच से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की आवश्यकता बताई गई है।

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