नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में न्याय की मांग कर रही संयुक्त कार्रवाई समिति ने बुधवार को कहा कि 31 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों का घेराव किया जाएगा। समिति ने मंगलवार को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए करीब 20 लोगों को रिहा करने की भी मांग की। इनमें वारिस पंजाब दे के नेता लखा सिधाना और पंजाब छात्रसंघ की नेता अरविंदर कौर आजाद शामिल हैं।
झोटा की हत्या के दो सप्ताह बाद भी उनके परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे समेत अपनी विभिन्न मांगें पूरी होने तक पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह के निर्देश पर बुधवार को राज्य के कई स्थानों पर गुरुद्वारों में झोटा को न्याय दिलाने के लिए अरदास की गई। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा संचालित सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों में पंजाब के युवाओं को नशे के प्रकोप से बचाने और उन्हें सही रास्ते पर ले जाने के लिए भी अरदास की गई।
भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) ने मानसा में पुलिस की कथित ज्यादतियों के विरोध में बुधवार को 13 जिलों के 40 थानों के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को जान गंवाने वाले दलजीत सिंह का शव उनके परिवार को सौंपने की मांग की। पुलिस मंगलवार को दलजीत का शव अपने साथ ले गई थी और उसे एम्स बठिंडा पहुंचा दिया था।
उस समय उनका परिवार शव को उस स्थान पर ले जाने की तैयारी कर रहा था, जहां झोटा के परिजन धरना दे रहे थे। कई विपक्षी नेताओं ने अपने सोशल मीडिया खातों पर ऐसे वीडियो साझा किए, जिनमें पुलिसकर्मी दलजीत का शव उठाकर सड़क के डिवाइडर के पार ले जाते और फिर उसे एक वाहन में रखते दिखाई दे रहे हैं। दलजीत के परिवार के अनुसार, उनकी मौत कथित तौर पर नशे की अधिक मात्रा लेने से हुई थी, जबकि पुलिस ने इसे हत्या का मामला बताया है।
संयुक्त कार्रवाई समिति के सदस्य माणिक गोयल ने बुधवार शाम यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि समिति ने 31 अक्टूबर को आप विधायकों का घेराव करने का आह्वान किया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मानसा के भाम्मे कलां स्थित दलजीत के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी से फोन पर बात कर यह जानकारी मांगी कि पुलिस दलजीत के पिता और कुछ अन्य परिजनों को कहां ले गई है।

