बहेड़ी शुगर मिल की नीलामी पर राजनीतिक गर्म: सपा नेताओं ने खोला मोर्चा, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

बहेड़ी शुगर मिल की नीलामी पर राजनीतिक गर्म: सपा नेताओं ने खोला मोर्चा, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

Bareilly Baheri News: बरेली की बहेड़ी केसर शुगर मिल की नीलामी को लेकर अब सपा ने राजनीतिक माहौल गरम कर दिया है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा नेताओं से प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्हें एक्सपोज करने का ऐलान किया है। उनका दावा है कि अफसरों ने साठगांठ कर करीब 150 करोड़ रुपये की शुगर मिल की संपत्ति को महज 28 करोड़ रुपये में नीलाम कर दिया। भाजपा नेताओं के काले कारनामों को लेकर गांव-गांव जाकर बेनकाब करेंगे। 

आवास विकास स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत में सपा के विधायक और पूर्व मंत्री अताउर रहमान, नवाबगंज के पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने नीलामी प्रक्रिया को किसानों के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि केसर शुगर मिल पर क्षेत्र के किसानों का करीब 171 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है। किसान लंबे समय से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत देने के बजाय मिल की संपत्ति को बेहद कम कीमत पर नीलाम कर दिया गया।

28 करोड़ में नीलाम कर दी 150 करोड़ की संपत्ति

सपा नेताओं ने दावा किया कि 150 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति को मात्र 28 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। विधायक ने आरोप लगाया कि नीलामी प्रक्रिया में भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका रही और एक डमी उम्मीदवार के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। अताउर रहमान ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के समय 14 दिन में गन्ना भुगतान का वादा किया था, लेकिन आज किसान वर्षों से अपने बकाए के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिल के बंद होने की स्थिति में हजारों किसान परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।

अताउर  रहमान

ओसवाल मिल का मुद्दा भी उठाया

पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने कहा कि सिर्फ केसर शुगर मिल ही नहीं, बल्कि नवाबगंज की ओसवाल मिल के किसान भी बकाया भुगतान के लिए परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन को ज्ञापन देने के बावजूद किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। 

सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने घोषणा की कि सोमवार को बड़ी संख्या में किसान और पार्टी कार्यकर्ता कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने मांग की कि केसर शुगर मिल की नीलामी की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं मिली हों तो नीलामी प्रक्रिया निरस्त की जाए। फिलहाल, शुगर मिल नीलामी को लेकर सपा के आरोपों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

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