कोर्ट में गवाही न देने वाले पुलिस पदाधिकारी नपेंगे:2 नोटिस के बाद अनुपस्थित रहने पर वेतन बंद, विभागीय कार्रवाई की सिफारिश

कोर्ट में गवाही न देने वाले पुलिस पदाधिकारी नपेंगे:2 नोटिस के बाद अनुपस्थित रहने पर वेतन बंद, विभागीय कार्रवाई की सिफारिश

शेखपुरा के एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने न्यायालय में गवाही के लिए उपस्थित न होने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। दो बार नोटिस के बाद भी हाजिर न होने पर उनके वेतन को स्थगित करने और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश पुलिस मुख्यालय से की जाएगी। लोक अभियोजकों के साथ कार्यों की समीक्षा एसपी ने यह निर्णय जिले के सभी लोक अभियोजकों के साथ न्यायालयीन कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान लिया। इस बैठक में लोक अभियोजक उदय नारायण सिंहा, मुख्य अभियोजक पदाधिकारी सुशील कुमार, विशेष लोक अभियोजक चंद्रमौली यादव, अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी अभिनय कुमार और संजीव कुमार, अपर लोक अभियोजक मुन्नी प्रसाद, जगदीश चौधरी, तसीमुद्दीन तथा उत्पाद निरीक्षक अमित आनंद उपस्थित थे। एसपी ने सभी लोक अभियोजकों को न्यायालय के कार्यों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय पोर्टल पर दर्ज अवैध हथियार के मामलों में स्पीडी ट्रायल पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। एसपी ने अपील की कि हथियार और गोली के साथ गिरफ्तार अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि समाज में अवैध हथियार रखने वालों के मन में भय पैदा हो। एसपी ने अभियोजन की गवाही समाप्त होने के बाद बहस के लिए लंबित मामलों को तुरंत निपटाने का अनुरोध किया। उन्होंने अन्य प्रारंभिक न्यायिक विचारण के मामलों में भी तेजी लाने और उन्हें अंतिम अंजाम तक पहुंचाने का निर्देश दिया। बैठक में जिले में साइबर अपराध के अनुसंधान कार्यों में पाई गई त्रुटियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। लोक अभियोजकों के आग्रह पर, एसपी ने साइबर अपराध अनुसंधान से जुड़े सभी पुलिस अधिकारियों की विशेष काउंसलिंग कराने का आश्वासन दिया, ताकि इन मामलों के अपराधियों को तेजी से न्यायिक विचारण के बाद सजा दिलाई जा सके। एसपी ने इसके अलावा हत्या लूट दुष्कर्म दलित उत्पीड़न उत्पाद संबंधी मामलों का भी तेजी से निष्पादन करते हुए अधिक से अधिक लोगों को सजा दिलाते हुए लोगों को न्याय प्रदान करने में संवेदनशील रहने की नसीहत दी। शेखपुरा के एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने न्यायालय में गवाही के लिए उपस्थित न होने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। दो बार नोटिस के बाद भी हाजिर न होने पर उनके वेतन को स्थगित करने और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश पुलिस मुख्यालय से की जाएगी। लोक अभियोजकों के साथ कार्यों की समीक्षा एसपी ने यह निर्णय जिले के सभी लोक अभियोजकों के साथ न्यायालयीन कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान लिया। इस बैठक में लोक अभियोजक उदय नारायण सिंहा, मुख्य अभियोजक पदाधिकारी सुशील कुमार, विशेष लोक अभियोजक चंद्रमौली यादव, अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी अभिनय कुमार और संजीव कुमार, अपर लोक अभियोजक मुन्नी प्रसाद, जगदीश चौधरी, तसीमुद्दीन तथा उत्पाद निरीक्षक अमित आनंद उपस्थित थे। एसपी ने सभी लोक अभियोजकों को न्यायालय के कार्यों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय पोर्टल पर दर्ज अवैध हथियार के मामलों में स्पीडी ट्रायल पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। एसपी ने अपील की कि हथियार और गोली के साथ गिरफ्तार अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि समाज में अवैध हथियार रखने वालों के मन में भय पैदा हो। एसपी ने अभियोजन की गवाही समाप्त होने के बाद बहस के लिए लंबित मामलों को तुरंत निपटाने का अनुरोध किया। उन्होंने अन्य प्रारंभिक न्यायिक विचारण के मामलों में भी तेजी लाने और उन्हें अंतिम अंजाम तक पहुंचाने का निर्देश दिया। बैठक में जिले में साइबर अपराध के अनुसंधान कार्यों में पाई गई त्रुटियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। लोक अभियोजकों के आग्रह पर, एसपी ने साइबर अपराध अनुसंधान से जुड़े सभी पुलिस अधिकारियों की विशेष काउंसलिंग कराने का आश्वासन दिया, ताकि इन मामलों के अपराधियों को तेजी से न्यायिक विचारण के बाद सजा दिलाई जा सके। एसपी ने इसके अलावा हत्या लूट दुष्कर्म दलित उत्पीड़न उत्पाद संबंधी मामलों का भी तेजी से निष्पादन करते हुए अधिक से अधिक लोगों को सजा दिलाते हुए लोगों को न्याय प्रदान करने में संवेदनशील रहने की नसीहत दी।  

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