जहानाबाद में सतर्कता दिवस पर विशेष:बाल विवाह को रोकने के लिए अधिकारियों ने की बैठक, सामाजिक संगठनों ने लिया संकल्प

जहानाबाद में सतर्कता दिवस पर विशेष:बाल विवाह को रोकने के लिए अधिकारियों ने की बैठक, सामाजिक संगठनों ने लिया संकल्प

जहानाबाद में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकथाम के लिए सतर्कता दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाना था। इसका आयोजन तटवासी समाज न्यास ने जिला प्रशासन के सहयोग से किया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा ने की। इसमें श्रम अधीक्षक मृत्युंजय झा, आईसीडीएस की रचना कुमारी सहित कई विभागों के पदाधिकारी और आशा यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन तटवासी समाज न्यास के कार्यकर्ताओं नवीन कुमार, मोहम्मद शफी आलम और वैष्णवी केशरी की देखरेख में हुआ। सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया। तटवासी समाज न्यास जिला प्रशासन, पंचायतों, स्कूलों और धर्मगुरुओं के सहयोग से जिलेभर में लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। संगठन ने अब तक हजारों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है। अक्षय तृतीया जैसे संवेदनशील अवसरों पर बाल विवाह रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जाते हैं। संगठन के निदेशक कन्हैया कुमार सिंह ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर की आड़ में बाल विवाह जैसे अपराध को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत नाबालिगों की शादी कराना दंडनीय अपराध है, जिसमें शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। सिंह ने यह भी कहा कि जागरूकता अभियानों के कारण अब लोग बाल विवाह की सूचना प्रशासन को दे रहे हैं, जिस पर प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर रहा है। कन्हैया कुमार सिंह ने इसे एक सकारात्मक बदलाव बताया और विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2030 से पहले जहानाबाद को बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि “जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन” नेटवर्क देश के 450 से अधिक जिलों में सक्रिय है और इसने अब तक पांच लाख से ज्यादा बाल विवाह रोकने में सफलता प्राप्त की है। जहानाबाद में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकथाम के लिए सतर्कता दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाना था। इसका आयोजन तटवासी समाज न्यास ने जिला प्रशासन के सहयोग से किया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा ने की। इसमें श्रम अधीक्षक मृत्युंजय झा, आईसीडीएस की रचना कुमारी सहित कई विभागों के पदाधिकारी और आशा यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन तटवासी समाज न्यास के कार्यकर्ताओं नवीन कुमार, मोहम्मद शफी आलम और वैष्णवी केशरी की देखरेख में हुआ। सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया। तटवासी समाज न्यास जिला प्रशासन, पंचायतों, स्कूलों और धर्मगुरुओं के सहयोग से जिलेभर में लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। संगठन ने अब तक हजारों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है। अक्षय तृतीया जैसे संवेदनशील अवसरों पर बाल विवाह रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जाते हैं। संगठन के निदेशक कन्हैया कुमार सिंह ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर की आड़ में बाल विवाह जैसे अपराध को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत नाबालिगों की शादी कराना दंडनीय अपराध है, जिसमें शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। सिंह ने यह भी कहा कि जागरूकता अभियानों के कारण अब लोग बाल विवाह की सूचना प्रशासन को दे रहे हैं, जिस पर प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर रहा है। कन्हैया कुमार सिंह ने इसे एक सकारात्मक बदलाव बताया और विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2030 से पहले जहानाबाद को बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि “जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन” नेटवर्क देश के 450 से अधिक जिलों में सक्रिय है और इसने अब तक पांच लाख से ज्यादा बाल विवाह रोकने में सफलता प्राप्त की है।  

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