पूर्णिया में पीएम सूर्य घर योजना को लेकर कैंप लगा:लोगों से आवेदन लिया; लोन रिजेक्ट करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

पूर्णिया में पीएम सूर्य घर योजना को लेकर कैंप लगा:लोगों से आवेदन लिया; लोन रिजेक्ट करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

पूर्णिया में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में पीएम सूर्य घर योजना के तहत विशेष कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जहां उन्होंने सोलर पैनल से जुड़ी जानकारी हासिल की और मौके पर ही आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी की। कैंप में मौजूद सोलर एजेंसियों के प्रतिनिधियों और बैंक अधिकारियों ने लोगों को सोलर पैनल की लागत, सब्सिडी और इंस्टॉलेशन से जुड़ी हर जरूरी जानकारी दी। वहीं, कई इच्छुक उपभोक्ताओं ने ऑन-द-स्पॉट आवेदन कर योजना का फायदा उठाने की पहल की। डीएम अंशुल कुमार ने कहा कि लोगों से सौर ऊर्जा अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न सिर्फ बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 1 से 3 किलोवाट तक के सोलर पैनल पर अलग-अलग दर से सब्सिडी दी जा रही है। सोलर पैनल लगाने के लिए बैंकों की ओर से 2 लाख रुपये तक का लोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आम लोगों के लिए इसे अपनाना आसान हो गया है। इन्वर्टर के जरिए घरेलू उपयोग के लायक बनती बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता बलवीर प्रसाद वागेश ने कहा कि सोलर पैनल छत पर लगाए जाते हैं, जो सूर्य की रोशनी से बिजली बनाते हैं और इन्वर्टर के जरिए घरेलू उपयोग के लायक बनती है। अगर उत्पादन ज्यादा और खपत कम होती है, तो अतिरिक्त बिजली नेट-मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड में भेजी जा सकती है। बढ़ती बिजली मांग के बीच सौर ऊर्जा अब सस्ता, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बनकर तेजी से उभर रहा है, और ऐसे कैंप लोगों को इसके प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बीते दिनों नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और बिजली विभाग की ओर से कला भवन में सोलर मेला भी आयोजित किया गया था, जहां लोगों में सौर ऊर्जा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला था। पूर्णिया में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में पीएम सूर्य घर योजना के तहत विशेष कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जहां उन्होंने सोलर पैनल से जुड़ी जानकारी हासिल की और मौके पर ही आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी की। कैंप में मौजूद सोलर एजेंसियों के प्रतिनिधियों और बैंक अधिकारियों ने लोगों को सोलर पैनल की लागत, सब्सिडी और इंस्टॉलेशन से जुड़ी हर जरूरी जानकारी दी। वहीं, कई इच्छुक उपभोक्ताओं ने ऑन-द-स्पॉट आवेदन कर योजना का फायदा उठाने की पहल की। डीएम अंशुल कुमार ने कहा कि लोगों से सौर ऊर्जा अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न सिर्फ बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 1 से 3 किलोवाट तक के सोलर पैनल पर अलग-अलग दर से सब्सिडी दी जा रही है। सोलर पैनल लगाने के लिए बैंकों की ओर से 2 लाख रुपये तक का लोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आम लोगों के लिए इसे अपनाना आसान हो गया है। इन्वर्टर के जरिए घरेलू उपयोग के लायक बनती बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता बलवीर प्रसाद वागेश ने कहा कि सोलर पैनल छत पर लगाए जाते हैं, जो सूर्य की रोशनी से बिजली बनाते हैं और इन्वर्टर के जरिए घरेलू उपयोग के लायक बनती है। अगर उत्पादन ज्यादा और खपत कम होती है, तो अतिरिक्त बिजली नेट-मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड में भेजी जा सकती है। बढ़ती बिजली मांग के बीच सौर ऊर्जा अब सस्ता, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बनकर तेजी से उभर रहा है, और ऐसे कैंप लोगों को इसके प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बीते दिनों नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और बिजली विभाग की ओर से कला भवन में सोलर मेला भी आयोजित किया गया था, जहां लोगों में सौर ऊर्जा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला था।  

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