इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को न्यायालय का आदेश न मानने पर कड़ी फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकल पीठ ने पुलिस कमिश्नर को 11 जून 2026 को स्पष्टीकरण सहित कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामला क्या है जानिये परमहंस गुप्ता एक कर्मचारी को 10 नवंबर 2024 को निलंबित किया गया था। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ कोई चार्जशीट जारी नहीं की गई, इसलिए उन्हें लंबे समय तक निलंबन में नहीं रखा जा सकता। हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को मामले का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को कहा कि वह चार सप्ताह में चार्जशीट का जवाब दे और विभागीय जांच अगले छह सप्ताह में पूरी की जाए। जांच पूरी होने के बाद अगले छह सप्ताह में अधिकारी अंतिम आदेश पारित करे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में जांच पूरी न होने पर निलंबन आदेश स्वतः रद्द माना जाएगा और कर्मचारी को बहाल कर वेतन दिया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने अपनी सभी शर्तें पूरी कीं, लेकिन विपक्षी पक्ष ने न तो निर्धारित समय में जांच पूरी की और न ही निलंबन आदेश रद्द किया। उन्होंने यह भी बताया कि वाराणसी सहित कई जिलों में इस प्रकार के कोर्ट के आदेशों की लगातार अनदेखी की जा रही है। हाईकोर्ट का गंभीर रुख इस पर हाईकोर्ट ने गंभीर रूख अपनाते हुए वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को 11 जून 2026 को दोपहर 2 बजे स्पष्टीकरण के साथ कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया। साथ ही अपर महाधिवक्ता कार्तिकेय सारन को निर्देश दिया गया कि वे इस आदेश की प्रति उसी दिन पुलिस कमिश्नर तक पहुंचाएं। रजिस्ट्रार (अनुपालन) को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी के माध्यम से आदेश की प्रति तत्काल भेजने का निर्देश दिया गया है।


