भास्कर न्यूज | समस्तीपुर वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर में बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. आदित्य चंद्र झा ने की, जबकि नेतृत्व एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रिंकी कुमारी ने किया। आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक भागीदारी बढ़ाना और स्वच्छ ऊर्जा व सतत विकास के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।प्रधानाचार्य प्रो. आदित्य चंद्र झा ने कहा कि पृथ्वी हमारे अस्तित्व का आधार है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों के जरिए पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। वहीं डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना है, जिसमें पेड़ लगाना, प्लास्टिक का कम उपयोग और जल संरक्षण जैसे कदम बेहद जरूरी हैं।डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिसके समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर ठोस प्रयास आवश्यक हैं। डॉ. संगीता कुमारी ने स्वच्छ और हरित वातावरण को स्वस्थ जीवन का आधार बताया, जबकि डॉ. पर्णम शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। भास्कर न्यूज | समस्तीपुर वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर में बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. आदित्य चंद्र झा ने की, जबकि नेतृत्व एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. रिंकी कुमारी ने किया। आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक भागीदारी बढ़ाना और स्वच्छ ऊर्जा व सतत विकास के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।प्रधानाचार्य प्रो. आदित्य चंद्र झा ने कहा कि पृथ्वी हमारे अस्तित्व का आधार है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों के जरिए पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। वहीं डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना है, जिसमें पेड़ लगाना, प्लास्टिक का कम उपयोग और जल संरक्षण जैसे कदम बेहद जरूरी हैं।डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिसके समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर ठोस प्रयास आवश्यक हैं। डॉ. संगीता कुमारी ने स्वच्छ और हरित वातावरण को स्वस्थ जीवन का आधार बताया, जबकि डॉ. पर्णम शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।


