Haryanvi Ragni Singer Pepsi Sharma Passed Away: हरियाणवी लोक संगीत और रागिनी जगत से आज बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में अपनी बुलंद आवाज का जादू बिखेरने वाले मशहूर रागिनी कलाकार पेप्सी शर्मा का सोमवार सुबह कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से आकस्मिक निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
सपना चौधरी के साथ जुगलबंदी और रागिनी मुकाबले थे बेहद हिट
रागिनी मंचों पर पेप्सी शर्मा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘बिग बॉस’ फेम और देश की मशहूर लोक कलाकार सपना चौधरी के साथ उनकी जुगलबंदी दर्शकों के सिर चढ़कर बोलती थी। स्टेज पर जब भी पेप्सी शर्मा और सपना चौधरी का रागिनी मुकाबला या प्रस्तुति होती थी, तो उसे देखने और सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती थी। दोनों कलाकारों की नोक-झोंक और विशिष्ट शैली ग्रामीण दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र हुआ करती थी।
अमरोहा के पतला गांव से उठकर चौपालों की शान बने पेप्सी
आपको बता दें कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के पतला गांव के रहने वाले पेप्सी शर्मा ने कई दशकों तक अपनी दमदार गायकी और सधे हुए अंदाज से गांवों की चौपालों, रागिनी प्रतियोगिताओं और स्थानीय मेलों में लोकजीवन को जीवंत रखा। उनकी रागनियों में ग्रामीण समाज की संवेदनाएं, किसानों का संघर्ष, पारिवारिक मूल्य, धार्मिक किस्से और गांव की सादगी का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता था, जिसे लोग घंटों मंत्रमुग्ध होकर सुनते थे।
‘तन तो मिट्टी हो जावेगा, नाम रहेगा नेक कमाई का’
पेप्सी शर्मा के निधन पर ‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश ग्रामीण रागिनी आयोजक संस्था’ और कई दिग्गज कलाकारों ने गहरा दुख जताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस मौके पर साथी रागिनी गायक सुभाष खटाना ने कहा कि पेप्सी शर्मा की गायकी में केवल सुर और ताल का मेल नहीं था, बल्कि हमारी मिट्टी की सोंधी महक, गांव का दर्द और किसानों का संघर्ष साफ सुनाई देता था। वे केवल एक बेहतरीन गायक नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली लोक संस्कृति के सच्चे संवाहक थे।’


