हल्की बारिश में डूबा पूरा दरभंगा:नाले में गिरे महिला सहित शख्स, लोगों ने बचाई जान

हल्की बारिश में डूबा पूरा दरभंगा:नाले में गिरे महिला सहित शख्स, लोगों ने बचाई जान

स्मार्ट सिटी, विकसित शहर और आधुनिक सुविधाओं के दावों के बीच दरभंगा शहर में हल्की बारिश ने ही शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है। लहेरियासराय स्थित प्लस टू एमएल एकेडमी स्कूल से लेकर आरएन मिश्रा राजकीय बालिका प्लस टू विद्यालय तक की मुख्य सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई। सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि सड़क और खुले नाले में फर्क करना तक मुश्किल हो गया। स्थिति उस समय और भयावह हो गई, जब एक महिला और एक पुरुष सड़क किनारे खुले नाले में गिर पड़े। स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने नगर निगम की लापरवाही की गंभीर तस्वीर सामने ला दी। लोग बोले- वीआईपी रोड की यही स्थिति हो जाती स्थानीय छात्राओं मोनिका, अंजलि, प्रेमा, स्नेहा और जानवी ने बताया कि हर साल बारिश के समय वीआईपी रोड की यही स्थिति हो जाती है। कई-कई दिनों तक सड़क पर जलजमाव बना रहता है और खुले नाले लोगों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। उनका कहना है कि नालों पर ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे बारिश के दौरान सड़क और नाले में अंतर करना असंभव हो जाता है। रोजाना स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज इसी रास्ते से गुजरते हैं,लेकिन किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की नजर इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ रही। सांसद और विधायकों पर जमकर नाराजगी जाहिर की स्थानीय लोगों ने सरकार, प्रशासन, दरभंगा नगर निगम, सांसद और विधायकों पर जमकर नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास और स्मार्ट सिटी की बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद खराब है।जब शहर के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त वीआईपी रोड का यह हाल है, तो बांकी मुहल्लों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि बारिश के बाद स्कूल और कॉलेज आना-जाना मुश्किल हो जाता है। सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि जूते-चप्पल तक डूब जाते हैं। खुले नाले के कारण हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। कई लोग पहले भी नाले में गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं खुल रही। स्थानीय वासियों ने बताया कि वीआईपी रोड शहर की अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क है। इसी मार्ग से एंबुलेंस, मरीज, छात्र, अधिकारी और हजारों लोग रोजाना गुजरते हैं। सड़क के आसपास आरबी मेमोरियल अस्पताल, बेंता चौक समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं। बावजूद इसके जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है और थोड़ी बारिश में ही सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि वीआईपी रोड की तत्काल स्थायी मरम्मत कर सड़क को ऊंचा किया जाए और सभी खुले नालों पर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं। स्मार्ट सिटी, विकसित शहर और आधुनिक सुविधाओं के दावों के बीच दरभंगा शहर में हल्की बारिश ने ही शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है। लहेरियासराय स्थित प्लस टू एमएल एकेडमी स्कूल से लेकर आरएन मिश्रा राजकीय बालिका प्लस टू विद्यालय तक की मुख्य सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई। सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि सड़क और खुले नाले में फर्क करना तक मुश्किल हो गया। स्थिति उस समय और भयावह हो गई, जब एक महिला और एक पुरुष सड़क किनारे खुले नाले में गिर पड़े। स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने नगर निगम की लापरवाही की गंभीर तस्वीर सामने ला दी। लोग बोले- वीआईपी रोड की यही स्थिति हो जाती स्थानीय छात्राओं मोनिका, अंजलि, प्रेमा, स्नेहा और जानवी ने बताया कि हर साल बारिश के समय वीआईपी रोड की यही स्थिति हो जाती है। कई-कई दिनों तक सड़क पर जलजमाव बना रहता है और खुले नाले लोगों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। उनका कहना है कि नालों पर ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे बारिश के दौरान सड़क और नाले में अंतर करना असंभव हो जाता है। रोजाना स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज इसी रास्ते से गुजरते हैं,लेकिन किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की नजर इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ रही। सांसद और विधायकों पर जमकर नाराजगी जाहिर की स्थानीय लोगों ने सरकार, प्रशासन, दरभंगा नगर निगम, सांसद और विधायकों पर जमकर नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास और स्मार्ट सिटी की बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद खराब है।जब शहर के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त वीआईपी रोड का यह हाल है, तो बांकी मुहल्लों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि बारिश के बाद स्कूल और कॉलेज आना-जाना मुश्किल हो जाता है। सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि जूते-चप्पल तक डूब जाते हैं। खुले नाले के कारण हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। कई लोग पहले भी नाले में गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं खुल रही। स्थानीय वासियों ने बताया कि वीआईपी रोड शहर की अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क है। इसी मार्ग से एंबुलेंस, मरीज, छात्र, अधिकारी और हजारों लोग रोजाना गुजरते हैं। सड़क के आसपास आरबी मेमोरियल अस्पताल, बेंता चौक समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं। बावजूद इसके जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है और थोड़ी बारिश में ही सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि वीआईपी रोड की तत्काल स्थायी मरम्मत कर सड़क को ऊंचा किया जाए और सभी खुले नालों पर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं।  

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