राजधानी पटना में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर पटना हाई कोर्ट सख्त हो गया है। इस मामले में वकील सुरेंद्र कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शहर के कई थानों के प्रभारी से हलफनामा मांगा है। हाई कोर्ट के रुख को देखते हुए पुलिस ने किसी भी आयोजन में रात 9:30 बजे के बाद तेज आवाज में लाउडस्पीकर ने पर रोक लगा दी है। छात्रों की पढ़ाई पर असर, कोर्ट ने लिया संज्ञान वकील सुरेंद्र कुमार ने याचिका के जरिये कोर्ट को बताया कि ध्वनि प्रदूषण की दिशा में पटना के शहरी इलाके खासकर के पिरबहोर, कदमकुंआ, गांधी मैदान, आलमगंज, मुसलहपुर, जहां स्टूडेंट सबसे ज्यादा रहते हैं, वहां देर रात तक तेज ध्वनि में गाने वगैरह बजते रहते हैं। इससे रात में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स परेशान रहते हैं। उनकी स्टडी प्रभावित होती है। कदमकुआं थाना को फटकार सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कदमकुआं थाना क्षेत्र में लापरवाही को लेकर थानेदार को फटकार भी लगाई। साथ ही सभी संबंधित थानों को अपने-अपने क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी हलफनामे के जरिए देने का निर्देश दिया। इसके बाद सभी थानेदारों ने हल्फनाम के जरिये अपने अपने क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण रोकने की दिशा में उठाये गए कदम के बारे में अवगत कराया है। साथ ही इसे सख्ती से लागू कराने की भी बात स्वीकार की है। 9:30 बजे के बाद तेज आवाज पर रोक कोर्ट के रुख को देखते हुए पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। अब किसी भी आयोजन में रात 9:30 बजे के बाद तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाने की हिदायत दी जा रही है। आयोजकों को पहले से ही इस नियम की जानकारी दी जा रही है। 10 मई को अगली सुनवाई इस मामले में अगली सुनवाई जस्टिस राजीव राय के कोर्ट में 10 मई होगी। इधर, जिन थानेदारों ने अभी तक हल्फ नाम नहीं दिया है, वो अपने पड़ोस के थानेदारों से कैसे क्या फाइल करनी है, इसके बारे में पूछ रहे हैं। इससे साफ है कि कोर्ट के रुख ने थानेदारों को सकते में ला दिया है। पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाई दे रही है। राजधानी पटना में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर पटना हाई कोर्ट सख्त हो गया है। इस मामले में वकील सुरेंद्र कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शहर के कई थानों के प्रभारी से हलफनामा मांगा है। हाई कोर्ट के रुख को देखते हुए पुलिस ने किसी भी आयोजन में रात 9:30 बजे के बाद तेज आवाज में लाउडस्पीकर ने पर रोक लगा दी है। छात्रों की पढ़ाई पर असर, कोर्ट ने लिया संज्ञान वकील सुरेंद्र कुमार ने याचिका के जरिये कोर्ट को बताया कि ध्वनि प्रदूषण की दिशा में पटना के शहरी इलाके खासकर के पिरबहोर, कदमकुंआ, गांधी मैदान, आलमगंज, मुसलहपुर, जहां स्टूडेंट सबसे ज्यादा रहते हैं, वहां देर रात तक तेज ध्वनि में गाने वगैरह बजते रहते हैं। इससे रात में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स परेशान रहते हैं। उनकी स्टडी प्रभावित होती है। कदमकुआं थाना को फटकार सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कदमकुआं थाना क्षेत्र में लापरवाही को लेकर थानेदार को फटकार भी लगाई। साथ ही सभी संबंधित थानों को अपने-अपने क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी हलफनामे के जरिए देने का निर्देश दिया। इसके बाद सभी थानेदारों ने हल्फनाम के जरिये अपने अपने क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण रोकने की दिशा में उठाये गए कदम के बारे में अवगत कराया है। साथ ही इसे सख्ती से लागू कराने की भी बात स्वीकार की है। 9:30 बजे के बाद तेज आवाज पर रोक कोर्ट के रुख को देखते हुए पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। अब किसी भी आयोजन में रात 9:30 बजे के बाद तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाने की हिदायत दी जा रही है। आयोजकों को पहले से ही इस नियम की जानकारी दी जा रही है। 10 मई को अगली सुनवाई इस मामले में अगली सुनवाई जस्टिस राजीव राय के कोर्ट में 10 मई होगी। इधर, जिन थानेदारों ने अभी तक हल्फ नाम नहीं दिया है, वो अपने पड़ोस के थानेदारों से कैसे क्या फाइल करनी है, इसके बारे में पूछ रहे हैं। इससे साफ है कि कोर्ट के रुख ने थानेदारों को सकते में ला दिया है। पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाई दे रही है।


