बिहार समेत पूर्णिया में गर्मी बढ़ती जा रही है। अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी है। टेंप्रेचर 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। ऐसे हालात में पूर्णिया GMCH में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रोज 100 से अधिक मरीज बुखार, उल्टी, सिर दर्द और पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। अस्पताल के बेड फुल हैं। मरीज के परिजन कह रहे हैं। इतनी गर्मी है कि पंखे की हवा से राहत नहीं मिल रही है। एसी होनी चाहिए। वहीं एक महिला कहती हैं कि किसी तरह एडजस्ट कर रहे हैं। अस्पताल से कुछ तस्वीरें… पीने का पानी मिला रहा, पर ठंडा नहीं चिलचिलाती गर्मी के बीच भास्कर टीम GMCH के जनरल वार्ड, महिला वार्ड, मेडिसिन वार्ड और चाइल्ड वार्ड में पहुंची। फैन, पीने का पानी, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को देखा। अस्पताल का कोई भी बेड खाली नहीं था। पंखे चल रहे थे, फिर भी मरीज के परिजन हाथ वाले पंखे से खुद को और मरीज को हवा दे रहे थे। पीने का पानी भी मिल रहा था, पर वो ठंडा नहीं था। ऊपर से नल के लोगों की भीड़ भी लगी थी। पढ़े मरीज और उनके परिजन ने क्या कहा…
पसीने से तरबतर होना पड़ रहा जनरल वार्ड में एडमिट मरीज सचिन कुमार ने कहा कि नई बिल्डिंग में सेंट्रलाइज्ड ऐसी है। अगर उस भवन में जनरल वार्ड को शिफ्ट कर दिया जाता, तो बड़ी राहत होती। यहां पंखे के बावजूद पसीने से तरबतर नहीं होना पड़ रहा है। मैं पिछले 4 दिन से एडमिट हूं, यहां बड़े-बड़े जनरेटर हैं। जिस वजह से लाइट कटऑफ नहीं होती। ये मरीजों के लिए राहत भरी बात है।
हमारे लिए ठंडा पानी नहीं है मरीज पिंकी देवी ने बताया कि हॉस्पिटल में पीने के पानी की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। पीने के पानी के लिए नलों पर भीड़ लगी रहती है। पानी लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है। ठंडा पानी उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है GMCH के डॉक्टरों ने बताया कि गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीज ओपीडी पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं की संख्या अधिक है। मौसम में बदलाव और बढ़ती गर्मी के कारण बुखार, उल्टी, सिर दर्द, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। बिहार समेत पूर्णिया में गर्मी बढ़ती जा रही है। अप्रैल में ही मई-जून जैसी गर्मी है। टेंप्रेचर 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। ऐसे हालात में पूर्णिया GMCH में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रोज 100 से अधिक मरीज बुखार, उल्टी, सिर दर्द और पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। अस्पताल के बेड फुल हैं। मरीज के परिजन कह रहे हैं। इतनी गर्मी है कि पंखे की हवा से राहत नहीं मिल रही है। एसी होनी चाहिए। वहीं एक महिला कहती हैं कि किसी तरह एडजस्ट कर रहे हैं। अस्पताल से कुछ तस्वीरें… पीने का पानी मिला रहा, पर ठंडा नहीं चिलचिलाती गर्मी के बीच भास्कर टीम GMCH के जनरल वार्ड, महिला वार्ड, मेडिसिन वार्ड और चाइल्ड वार्ड में पहुंची। फैन, पीने का पानी, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को देखा। अस्पताल का कोई भी बेड खाली नहीं था। पंखे चल रहे थे, फिर भी मरीज के परिजन हाथ वाले पंखे से खुद को और मरीज को हवा दे रहे थे। पीने का पानी भी मिल रहा था, पर वो ठंडा नहीं था। ऊपर से नल के लोगों की भीड़ भी लगी थी। पढ़े मरीज और उनके परिजन ने क्या कहा…
पसीने से तरबतर होना पड़ रहा जनरल वार्ड में एडमिट मरीज सचिन कुमार ने कहा कि नई बिल्डिंग में सेंट्रलाइज्ड ऐसी है। अगर उस भवन में जनरल वार्ड को शिफ्ट कर दिया जाता, तो बड़ी राहत होती। यहां पंखे के बावजूद पसीने से तरबतर नहीं होना पड़ रहा है। मैं पिछले 4 दिन से एडमिट हूं, यहां बड़े-बड़े जनरेटर हैं। जिस वजह से लाइट कटऑफ नहीं होती। ये मरीजों के लिए राहत भरी बात है।
हमारे लिए ठंडा पानी नहीं है मरीज पिंकी देवी ने बताया कि हॉस्पिटल में पीने के पानी की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। पीने के पानी के लिए नलों पर भीड़ लगी रहती है। पानी लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है। ठंडा पानी उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है GMCH के डॉक्टरों ने बताया कि गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीज ओपीडी पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं की संख्या अधिक है। मौसम में बदलाव और बढ़ती गर्मी के कारण बुखार, उल्टी, सिर दर्द, पेट दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।


