राजस्थान के बालोतरा जिले से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने देश की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी भीषण आग के बाद जहाँ एक तरफ पूरा प्रशासन जांच में जुटा था, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा में एक ऐसी चूक सामने आई, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा व्यवस्था को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। दरअसल, प्रधानमंत्री के प्रस्तावित सभा स्थल के उस मंच पर, जहाँ परिंदा भी पर नहीं मार सकता था, वहां एक युवक न केवल चढ़ गया, बल्कि उसने इत्मीनान से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया।
REEL VIDEO के चक्कर में SHO सस्पेंड
इस वायरल वीडियो ने जैसे ही पुलिस महकमे में खलबली मचाई, जोधपुर रेंज आईजी ने इसे अक्षम्य लापरवाही माना।
- कड़ी कार्रवाई: पचपदरा थानाधिकारी अचलाराम ढाका को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
- दोषी करार: जांच में सामने आया कि वीवीआईपी सुरक्षा के तय नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं और नियमों की अनदेखी कर वहां वीडियो बनाने दिए गए।
- RAC जवानों पर गाज: ड्यूटी पर तैनात राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) के जवानों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला? कब और कैसे टूटी सुरक्षा?
घटना 20 अप्रैल की शाम की बताई जा रही है। रिफाइनरी की यूनिट में आग लगने के बाद शाम करीब 5 बजे एचपीसीएल (HPCL) और मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने की घोषणा कर दी थी।
- सुरक्षा का भ्रम: कार्यक्रम रद्द होते ही सुरक्षाकर्मी ढीले पड़ गए, जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यक्रम स्थल तब तक ‘स्टराइल’ (पूरी तरह सुरक्षित) रहना चाहिए था जब तक उसे डी-नोटिफाई न कर दिया जाए।
- मंच पर ‘अनाधिकृत’ एंट्री: कार्यक्रम रद्द होने के कुछ घंटों बाद, कुछ लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे उस मंच पर चढ़ गए जहाँ से प्रधानमंत्री मोदी को देश को संबोधित करना था।
- वायरल वीडियो: एक युवक ने मंच पर चढ़कर वीडियो बनाया और उसे ‘रील’ के रूप में वायरल कर दिया। यह वीडियो सबूत है कि हाई अलर्ट और वीवीआईपी दौरे के बावजूद वहां कोई रोकने-टोकने वाला नहीं था।
इस रील वीडियो ने मचाई खलबली
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक: ‘हाथ पर हाथ’ धरे बैठा रहा प्रशासन?
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री के मंच तक किसी का भी पहुंचना खतरनाक हो सकता है।
- इंटेलिजेंस फेलियर: जब रिफाइनरी हाई अलर्ट पर थी, तब एक बाहरी शख्स का मंच तक पहुँचना बड़े इंटेलिजेंस फेलियर की ओर इशारा करता है।
- जवाबदेही पर सवाल: क्या केवल एक थानाधिकारी को सस्पेंड करना काफी है? उन सुरक्षा एजेंसियों की क्या जिम्मेदारी है जो पीएम के दौरे से पहले हर इंच की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं?
सोशल मीडिया का चस्का और खाकी की साख
बताया जा रहा है कि युवक के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिस जवानों ने भी उस प्रतिबंधित क्षेत्र में वीडियो बनाए थे। ‘रील’ बनाने की यह सनक अब राजस्थान पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है। बालोतरा पुलिस अब उस युवक की भी तलाश कर रही है जिसने सुरक्षा घेरा तोड़ा था।


