रामपुर जिले के अहमदनगर जिवाई गांव में एक घायल युवक की रास्ते में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन और पेट्रोल खत्म होने के कारण यह घटना हुई। इस मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 38 वर्षीय कुलदीप सिंह ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने कुलदीप की हालत गंभीर बताते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन अस्पताल गेट से एक निजी एम्बुलेंस किराए पर लेकर कुलदीप को मुरादाबाद इलाज के लिए ले जा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि रास्ते में पहले एम्बुलेंस के ऑक्सीजन सिलेंडर की गैस खत्म हो गई। कुछ देर बाद एम्बुलेंस का पेट्रोल भी समाप्त हो गया। समय पर ऑक्सीजन न मिलने के कारण कुलदीप ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। कुलदीप की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एम्बुलेंस में तोड़फोड़ की, जिसके बाद चालक एम्बुलेंस छोड़कर मौके से फरार हो गया। बाद में परिजन शव को लेकर मोर्चरी पहुंचे और मीडिया को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना थाना शहजादनगर पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कुलदीप अपने परिवार में तीन भाइयों में से एक थे। उनके एक भाई का पहले ही निधन हो चुका है। कुलदीप अपने पीछे पत्नी, 8 साल का बेटा और 11 साल की बेटी छोड़ गए हैं। इस घटना से छोटे किसान परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


