खंभात के युवक सहित संगठित गिरोह ने 149 बैंक खाते का किया इस्तेमाल
आणंद. आणंद पुलिस को 770 करोड़ रुपए की साइबर धोखाधड़ी मामले में एक और बड़ी सफलता मिली। इस मामले में चौथे आरोपी प्रेम पटेल को गिरफ्तार किया। आरोपी जिले की खंभात तहसील के सायमा गांव स्थित महादेववाला फलिया का निवासी है। इससे पहले पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर साइबर ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाते थे और उसके एवज में खाताधारकों को कमीशन दिया जाता था। पुलिस से बचने के लिए प्रेम लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन सटीक सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
विभिन्न राज्यों में अब तक करीब 30 शिकायतें दर्ज
जांच के दौरान आरोपी के एक बैंक खाते से पांच लाख रुपए से अधिक की रकम मिली है। हालांकि पूछताछ में वह इस रकम के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पुलिस को आशंका है कि पूरे नेटवर्क में करीब 795 बैंक खातों का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर रकम की हेराफेरी की गई है। इस मामले में देश के विभिन्न राज्यों में अब तक करीब 30 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
पाकिस्तान, युगांडा और यूएई में धनराशि भेजी
जांच में यह भी सामने आया है कि बाइनेंस एप्लिकेशन तथा हवाला माध्यम से पाकिस्तान, युगांडा और यूएई जैसे देशों में बाइनेंस आइडी के जरिए धनराशि भेजी जाती थी। आरोपियों ने कुल 149 बैंक खातों का उपयोग कर अब तक लगभग 770 करोड़ रुपए की हेराफेरी की।
युगांडा से चलाता था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार पूरे नेटवर्क का संचालन युगांडा में बैठा प्रफुल्ल बुटाणी करता था। साइबर ठगी की रकम अलग-अलग लोगों के खातों में जमा करवाई जाती थी। बाद में आंगडिया माध्यम से रकम को अमरीकी डॉलर (यूएसडीटी) में कन्वर्ट कर युगांडा, यूएई और पाकिस्तान भेजा जाता था। वहां से प्रफुल्ल बुटाणी अपने खातों में रकम ट्रांसफर कर लेता था।
तीन आरोपी फरार
मामले में युगांडा के प्रफुल्ल, मेहसाणा जिले के विसनगर निवासी हेतल पटेल और शिवम डबगर अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
गौरतलब है कि मामले की शुरुआत आणंद के निकट मोगरी गांव के एक शिकायतकर्ता के बैंक खाते में साइबर धोखाधड़ी के 25.50 लाख रुपए जमा होने के बाद हुई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। दिसंबर 2025 में पुलिस ने बंटी-बबली के नाम से चर्चित दक्षेश पटेल और शिवानी डबगर को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से विभिन्न बैंकों के डेबिट-क्रेडिट कार्ड, मोबाइल फोन, कार और साढ़े तीन लाख रुपए नकद समेत कुल 11.80 लाख रुपए का मुद्दामाल जब्त किया गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों से दोस्ती बढ़ाकर अधिक आयकर आने का झांसा देते थे और साइबर ठगी की रकम उनके बैंक खातों में जमा करवाते थे। बाद में रकम निकालकर खाताधारकों को कमीशन दिया जाता था। पूछताछ के दौरान दक्षेश के पुत्र ध्रुव को भी गिरफ्तार किया गया था। इसी जांच में प्रेम पटेल की संलिप्तता सामने आई थी।


