बेतिया में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर एक्शन:DM के निर्देश पर सिविल सर्जन ने चलाया जांच अभियान

बेतिया में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर एक्शन:DM के निर्देश पर सिविल सर्जन ने चलाया जांच अभियान

पश्चिम चंपारण जिले में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर सिविल सर्जन विजय कुमार ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। यह टीम जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर रही है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और अवैध रूप से संचालित संस्थानों पर नियंत्रण स्थापित करना है। हाल ही में चलाए गए जांच अभियान के तहत एक अस्पताल, दो अल्ट्रासाउंड केंद्र और दो नर्सिंग होम की गहन जांच की गई। जिन संस्थानों का निरीक्षण किया गया, उनमें बुद्धा हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी सेंटर, कामख्या अल्ट्रासाउंड, किलकारी हॉस्पिटल और सस्ता डिजिटल एक्स-रे शामिल हैं। जांच टीम ने इन सभी संस्थानों में आवश्यक दस्तावेजों, पंजीकरण की स्थिति, निर्धारित मानकों के अनुपालन और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। कुछ संस्थानों में आवश्यक कागजात अधूरे पाए गए सिविल सर्जन विजय कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कुछ संस्थानों में आवश्यक कागजात अधूरे पाए गए। संबंधित संचालकों को इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी संस्थान में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की जांच लगातार जारी रहेगी सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए इस प्रकार की जांच लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों में ही उपचार कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या धोखाधड़ी से बचा जा सके। जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। पश्चिम चंपारण जिले में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर सिविल सर्जन विजय कुमार ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। यह टीम जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर रही है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और अवैध रूप से संचालित संस्थानों पर नियंत्रण स्थापित करना है। हाल ही में चलाए गए जांच अभियान के तहत एक अस्पताल, दो अल्ट्रासाउंड केंद्र और दो नर्सिंग होम की गहन जांच की गई। जिन संस्थानों का निरीक्षण किया गया, उनमें बुद्धा हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी सेंटर, कामख्या अल्ट्रासाउंड, किलकारी हॉस्पिटल और सस्ता डिजिटल एक्स-रे शामिल हैं। जांच टीम ने इन सभी संस्थानों में आवश्यक दस्तावेजों, पंजीकरण की स्थिति, निर्धारित मानकों के अनुपालन और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। कुछ संस्थानों में आवश्यक कागजात अधूरे पाए गए सिविल सर्जन विजय कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कुछ संस्थानों में आवश्यक कागजात अधूरे पाए गए। संबंधित संचालकों को इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी संस्थान में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की जांच लगातार जारी रहेगी सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए इस प्रकार की जांच लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों में ही उपचार कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या धोखाधड़ी से बचा जा सके। जिला प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है।  

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