UPI ID Deactivate: इंटरनेट पर बहुत सारे UPI ऐप है, PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM आदि। इनमें से आपने भी पिछले कुछ सालों में डाउनलोड किए होंगे। हर बार एक नया ऐप, एक नई UPI ID बनाता है। इसके बाद जब जरूरत नहीं होती तो ऐप डिलीट करके सोच लिया जाता है कि सब सुरक्षित है। लेकिन साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि यही सबसे बड़ी सुरक्षा चूक होती है। ऐप डिलीट होने से UPI ID बंद नहीं होती और यह काम में नहीं आने वाली ID चुपचाप आपके बैंक अकाउंट से जुड़ी रहती है। इससे साइबर फ्रांड का खतरा बढ़ जाता है।
काम में नहीं आने वाली UPI ID ऐसे बनती है खतरा
लोग अक्सर सिर्फ UPI ऐप को फोन से डिलीट करते हैं, लेकिन उससे जुड़ी हुई UPI ID को नहीं। Plutos ONE के फाउंडर और CEO रोहित महाजन के मुताबिक, ऐप अनइंस्टॉल करने से सिर्फ उसका इंटरफेस हटता है। UPI ID यानी वर्चुअल पेमेंट एड्रेस, लिंक्ड बैंक अकाउंट, AutoPay मैंडेट और डिवाइस रजिस्ट्रेशन बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के सिस्टम में एक्टिव बनी रहती है। यानी फोन से ऐप हटाने के बाद भी आपकी पेमेंट आइडेंटिटी बैकग्राउंड में काम करती रहती है।
Cyble के सीनियर डायरेक्टर अंकित शर्मा समझाते हैं कि AutoPay, UPI Lite, लिंक्ड बैंक अकाउंट, कलेक्ट रिक्वेस्ट और डिवाइस बाइंडिंग सब कुछ बैंकिंग लेयर में एक्टिव रहता है। ऐप डिलीट करने के बाद यूजर को लगता है कि वह सुरक्षित है, लेकिन साइबर रिस्क की नजर से यह बड़ी सुरक्षा चूक है।
इस वजह से है सबसे बड़ा खतरा
इसका सबसे गंभीर खतरा तब सामने आता है, जब आप कोई पुराना मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं। टेलीकॉम कंपनियां कुछ समय बाद इन इनएक्टिव नंबरों को नए यूजर्स को दे देती हैं। अगर आपकी पुरानी UPI ID उस नंबर से लिंक्ड है, तो उस नंबर का नया मालिक आपके ट्रांजेक्शन अलर्ट, कलेक्ट रिक्वेस्ट और बैंकिंग से जुड़े मैसेज देख सकता है।

AutoPay मैंडेट, जो चुपचाप चलता रहता है
एक और खतरा AutoPay मैंडेट से जुड़ा है। अगर आपने किसी सब्सक्रिप्शन या EMI के लिए UPI AutoPay सेट किया था और बाद में वह ऐप डिलीट कर दिया, तो वह मैंडेट सिस्टम में बना रहता है। रोहित महाजन बताते हैं कि ऐसे मैंडेट तब तक चलते रहते हैं, जब तक उन्हें अलग से कैंसिल न किया जाए।
Pop UPI के COO वशिष्ठ रविचंद्रन यह भी बताते हैं कि क्रेडिट कार्ड की तरह UPI ID पर कोई मासिक स्टेटमेंट नहीं आता, कोई फीस नहीं लगती और कोई रिमाइंडर नहीं मिलता। इसलिए इन भूली हुई IDs की तरफ ध्यान ही नहीं जाता।
अपनी सभी UPI IDs कैसे खोजें
सभी UPI IDs को एक जगह NPCI की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। यहां किसी भी मोबाइल नंबर से लिंक्ड सभी UPI IDs देखी जा सकती हैं। इसके अलावा ज्यादातर बैंक ऐप्स के पेमेंट सेक्शन में भी लिंक्ड UPI हैंडल देखे जा सकते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कोई भी एक तरीके से सभी UPI IDs का पता नहीं लगाया जा सकता, इसलिए सभी ऐप्स और बैंकों में क्रॉस-चेक जरूरी है।
पुरानी UPI ID बंद करने का तरीका
पुरानी UPI ID पूरी तरह बंद करने के लिए ये कदम उठाने जरूरी हैं:
- UPI ऐप से सभी बैंक अकाउंट अनलिंक करें।
- UPI ID को डिलीट या डीएक्टिवेट करें।
- सभी AutoPay मैंडेट को कैंसिल करें।
- UPI Lite को डिसेबल करें और बचा हुआ बैलेंस बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करें।
- बैंकिंग रिकॉर्ड से पुराने मोबाइल नंबर हटाएं या अपडेट करें।
- अगर ऐप डीएक्टिवेशन का विकल्प न दे तो सीधे बैंक से संपर्क करें।
- पुरानी SIM से जुड़ी UPI IDs को लंबे समय तक एक्टिव नहीं छोड़ना चाहिए।
इंतजार करने से हो सकता है नुकसान
यूजर्स को कोई संदिग्ध गतिविधि होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। खुद से सभी UPI अकाउंट और परमिशन का ऑडिट करना जरूरी है। इन खतरों की सबसे बड़ी समस्या यही है कि ये तब तक नजर नहीं आते जब तक कुछ गड़बड़ हो न जाए। इसलिए समय-समय पर सभी एक्टिव UPI IDs, लिंक्ड बैंक अकाउंट की जांच करते रहना चाहिए।


