Sanjay Manjrekar on Vaibhav Sooryavanshi: संजय मांजरेकर ने कहा कि टी20 क्रिकेट से शोहरत और पैसा मिल सकता है, लेकिन असली इज्जत तो टेस्ट क्रिकेट में ही मिलती है। अगर वैभव सूर्यवंशी इज्जत चाहते हैं तो उन्हें खेल की तकनीक में कुछ अहम बदलाव करने होंगे।
Sanjay Manjrekar on Vaibhav Sooryavanshi: आईपीएल 2026 में वंडर बॉय वैभव सूर्यवंशी सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं। वह इस टूर्नामेंट में अब तक सबसे ज्यादा छक्के लगाकर दुनिया भर के बड़े नामों को पीछे छोड़ चुके हैं। यही वजह है कि उन्हें भारतीय सीनियर टीम में शामिल करने की मांग जोर पकड़ रही है। भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने बढ़ती चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन अभी के लिए सिर्फ टी20 फॉर्मेट के लिए। मांजरेकर ने उनके जबरदस्त आईपीएल प्रदर्शन का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने जसप्रीत बुमराह, जोश हेजलवुड और पैट कमिंस जैसे वर्ल्ड क्लास गेंदबाजों की भी धज्जियां उड़ा दीं और निडर क्रिकेट खेला, लेकिन साथ ही मांजरेकर ने उनकी सबसे बड़ी कमजोरी भी पकड़ी है और उन्हें एक बड़ी सीख भी दी है।
मांजरेकर भी चाहते हैं आईपीएल के बाद नेशनल टीम में शामिल हों वैभव
वैभव सूर्यवंशी पिछले साल अपने पहले आईपीएल सीजन में एक ऐतिहासिक शतक लगाकर क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचा दिया था। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 लेवल पर भी शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें इस साल की शुरुआत में अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में बनाया गया रिकॉर्ड 175 रनों का स्कोर भी शामिल है। आईपीएल 2026 में उन्होंने अपने प्रदर्शन को और भी ऊंचा उठाया और 10 मैचों में 404 रन बनाए, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 237.64 का था।
इस दौरान उनके बल्ले से 37 छक्के भी आए हैं, जो अब तक सबसे ज्यादा हैं। इन शानदार प्रदर्शनों के बाद यह अटकलें लगने लगी हैं कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) आईपीएल के बाद उन्हें सीधे नेशनल टीम में शामिल कर सकता है और मांजरेकर भी इस बात से सहमत हैं।
‘उन्होंने काफी कुछ कर दिखाया’
मांजरेकर ने स्पोर्टस्टार के एक पॉडकास्ट पर कहा कि आईपीएल को भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने के एक प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर देखें और साथ ही सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर भी नजर डालें। जहां उन्होंने एक शतक (महाराष्ट्र के ख़िलाफ) बनाया है तो मुझे लगता है कि उन्होंने काफी कुछ कर दिखाया है। अगर कोई खिलाड़ी इस तरह से इस बड़े मंच पर चमक रहा है तो इसका मतलब है कि वह पूरी तरह तैयार है।
‘भारत के पास पहले से ही ओपनर्स की लंबी लाइन’
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि भारत के पास पहले से ही ओपनर्स की एक लंबी लाइन लगी हुई है, जिसमें शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। इसलिए सूर्यवंशी को टीम में जगह मिलना इतना आसान नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है कि वह तो तैयार हों, लेकिन क्या दूसरे खिलाड़ी उनके लिए अपनी जगह छोड़ने को तैयार हैं? क्योंकि भारत में ओपनिंग स्लॉट्स के लिए खिलाड़ियों की बहुत ज़्यादा भीड़ है।
‘यह तरीका टेस्ट क्रिकेट में शायद काम न आए’
मांजरेकर ने कहा कि सूर्यवंशी उस नए दौर के क्रिकेटरों में से एक हैं, जो टी20 क्रिकेट के हिसाब से आक्रामक, बाउंड्री लगाने वाले अंदाज में खेलते हैं और अक्सर अपने हाथ खोलने के लिए जगह बनाते हैं। हालांकि, उनका मानना है कि यह तरीका टेस्ट क्रिकेट में शायद काम न आए।
‘गेंद के जितना हो सके करीब जाकर खेलें’
उन्होंने कहा कि हाल के सालों के लगातार अच्छा खेलने वाले टी20 बल्लेबाजों को देखें तो सूर्यवंशी लेग साइड में रहता है और मिडिल स्टंप पर आई गेंद को पॉइंट की तरफ मारता है, क्योंकि वह ऐसा करने के लिए जगह बनाता है। टेस्ट क्रिकेट में सलाह यह दी जाती है कि गेंद के जितना हो सके करीब जाकर खेलें। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका में गेंद से दूर रहकर आप रन नहीं बना पाएंगे।
‘असली इज्जत तो टेस्ट क्रिकेट में’
मांजरेकर ने आखिर में कहा कि जहां टी20 क्रिकेट से शोहरत और पैसा मिल सकता है, वहीं असली इज्जत तो टेस्ट क्रिकेट में ही है और इसके लिए खेल की तकनीक में कुछ बदलाव करने होंगे। यानी क्रिकेट के जानकारों से इज्जत कमाने के लिए उसे गेंद की लाइन के जितना हो सके करीब जाकर खेलना होगा।
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