बिहार के गैर प्रशासनिक सेवा के अफसरों के लिए फिर आईएएस बनने का दरवाजा खुला है। सामान्य प्रशासन ने हर विभाग से दो सबसे काबिल अफसरों के नाम 20 मई तक मांगा है। यह कदम उन अधिकारियों के लिए बड़ी उम्मीद है, जो प्रशासनिक सेवा का हिस्सा नहीं होते हुए भी अपनी तकनीकी और विशेषज्ञता वाली सेवाओं के माध्यम से शासन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके तहत डॉक्टर, इंजीनियर और वित्त सेवा के अधिकारी भी आईएएस अफसर बन सकेंगे। इसके लिए गजेटेड अफसर के रूप में 8 साल की सेवा और 56 साल से कम उम्र का होना जरूरी है। इसमें बिहार प्रशासनिक सेवा, बिहार पुलिस सेवा और बिहार वन सेवा के अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उनके लिए प्रमोशन का अलग कोटा निर्धारित है। इस विशेष विंडो के जरिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा (डॉक्टर), इंजीनियरिंग सेवाएं, सूचना सेवा, वित्त सेवा, सहकारिता और श्रम सेवा सहित अन्य गजेटेड कैडर के अधिकारी आईएएस बनने के पात्र होंगे। विभागवार स्क्रूटिनी के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति अंतिम रूप से नामों का चयन कर संघ लोक सेवा आयोग और कार्मिक मंत्रालय को भेजती है। बिहार के गैर प्रशासनिक सेवा के अफसरों के लिए फिर आईएएस बनने का दरवाजा खुला है। सामान्य प्रशासन ने हर विभाग से दो सबसे काबिल अफसरों के नाम 20 मई तक मांगा है। यह कदम उन अधिकारियों के लिए बड़ी उम्मीद है, जो प्रशासनिक सेवा का हिस्सा नहीं होते हुए भी अपनी तकनीकी और विशेषज्ञता वाली सेवाओं के माध्यम से शासन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके तहत डॉक्टर, इंजीनियर और वित्त सेवा के अधिकारी भी आईएएस अफसर बन सकेंगे। इसके लिए गजेटेड अफसर के रूप में 8 साल की सेवा और 56 साल से कम उम्र का होना जरूरी है। इसमें बिहार प्रशासनिक सेवा, बिहार पुलिस सेवा और बिहार वन सेवा के अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उनके लिए प्रमोशन का अलग कोटा निर्धारित है। इस विशेष विंडो के जरिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा (डॉक्टर), इंजीनियरिंग सेवाएं, सूचना सेवा, वित्त सेवा, सहकारिता और श्रम सेवा सहित अन्य गजेटेड कैडर के अधिकारी आईएएस बनने के पात्र होंगे। विभागवार स्क्रूटिनी के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति अंतिम रूप से नामों का चयन कर संघ लोक सेवा आयोग और कार्मिक मंत्रालय को भेजती है।


