Petrol Pump New Rule: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। तेल कंपनियों द्वारा की गई इस ताजा बढ़ोतरी के बाद राज्य के कई जिलों में पेट्रोल का दाम 109 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। वहीं राजधानी रायपुर में पेट्रोल की नई कीमत ₹107.96 प्रति लीटर हो गई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है।
इसी बीच नारायणपुर जिले से किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। यहां एक पेट्रोल पंप पर नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या धान विक्रय की पावती दिखाने पर किसानों को 20 लीटर तक डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल से जहां किसानों को खेती-किसानी के कामों में सहूलियत मिल रही है, वहीं ईंधन की कालाबाजारी पर भी रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
किसानों के लिए राहत की खबर, लेकिन सीमित सुविधा
इसी बीच नारायणपुर जिले से किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। यहां पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर चल रही किल्लत और कालाबाजारी की समस्याओं के बीच एक नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे किसानों को आंशिक राहत मिल रही है। जिले के राधेश्याम पेट्रोल पंप पर अब किसानों को उनके कृषि कार्यों के लिए सीमित मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत यदि कोई किसान अपना किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या धान विक्रय की पावती दिखाता है, तो उसे 20 लीटर तक डीजल ड्रम में उपलब्ध कराया जा रहा है।
बिचौलियों पर रोक लगाने की कोशिश
पेट्रोल पंप प्रबंधन के अनुसार, इस व्यवस्था को लागू करने का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। पहले कई जगहों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि ड्रम में ईंधन खरीदकर उसे अधिक कीमत पर बेचा जा रहा था, जिससे वास्तविक जरूरतमंद किसानों को नुकसान हो रहा था।प्रशासन के निर्देशों के बाद ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन किसानों की परेशानियों को देखते हुए अब एक नियंत्रित व्यवस्था के तहत केवल प्रमाणित किसानों को सीमित मात्रा में डीजल दिया जा रहा है।
किसानों ने जताई संतुष्टि
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उन्हें काफी राहत मिली है। खेतों की जुताई, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए अब उन्हें ईंधन प्राप्त करने में पहले जैसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ किसानों का यह भी कहना है कि 20 लीटर की सीमा कई बार बड़े कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त नहीं होती, लेकिन फिर भी यह व्यवस्था पहले से बेहतर है।
प्रशासन की नजर और आगे की स्थिति
पेट्रोल पंप प्रबंधन का कहना है कि यह व्यवस्था प्रशासनिक निर्देशों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। आगे परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव भी किया जा सकता है। कुल मिलाकर, जहां एक ओर लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम आम जनता के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यह सीमित राहत व्यवस्था खेती-किसानी के कामों को कुछ हद तक आसान बना रही है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चौथी बार की गई बढ़ोतरी
जानकारी के अनुसार, यह इस महीने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चौथी बार की गई बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल में करीब 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 19 मई और 23 मई को भी 90-90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। लगातार हो रही इन मूल्य वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन लोगों की जो रोजमर्रा के कामों के लिए वाहनों पर निर्भर हैं।


