इंदौर-खंडवा के बीच कई जगह बनेगा नया रेल ट्रैक, रेलवे ने जमा कराए 100 करोड़

इंदौर-खंडवा के बीच कई जगह बनेगा नया रेल ट्रैक, रेलवे ने जमा कराए 100 करोड़

Indore Khandwa New Railway Track: मध्यप्रदेश के मालवा और निमाड़ क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित इंदौर-खंडवा गेज कन्वर्जन परियोजना को अब नई रफ्तार मिलने जा रही है। रेलवे ने वन विभाग को 100 करोड़ रुपए जमा करा दिए हैं। इसके बाद परियोजना से जुड़ी वन भूमि देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। वन विभाग अब जल्द ही जमीन देने के साथ पेड़ों की कटाई सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेगा, जिससे निर्माण कार्य शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।

कई स्थानों पर बिछेगा नया ट्रैक

इंदौर-खंडवा गेज कन्वर्जन परियोजना केवल मीटर गेज को ब्रॉड गेज में बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तहत कई स्थानों पर नए सिरे से रेल ट्रैक बिछाया जा रहा है। वर्तमान ट्रैक के स्थान पर पाताल पानी सहित अन्य वन क्षेत्र से होकर नया रेल मार्ग विकसित किया जा रहा है। रेलवे और वन विभाग ने इस दौरान पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को भी प्राथमिकता दी है। इन स्थानों पर नया रेलवे ट्रैक बिछाए जाने और मीटर गेज को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किए जाने से ट्रेनों की गति बढ़ेगी और इसका सीधा फायदा सफर करने वाले यात्रियों को होगा जिनके समय की बचत होगी।

रेलवे ने जमा कराई राशि

वन भूमि के उपयोग के बदले प्रतिपूरक वनीकरण के तहत बड़ी संख्या में पौधे लगाने होंगे। साथ ही इसके लिए निर्धारित राशि भी वन विभाग को जमा करानी थी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह राशि प्राप्त हो चुकी है और अब आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) लाल सुधाकर सिंह ने बताया कि अभी पेड़ों की कटाई का कार्य शुरू नहीं हुआ है, लेकिन इसकी तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही निर्धारित क्षेत्र में पेड़ों की कटाई शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद संबंधित भूमि रेलवे को हस्तांतरित कर दी जाएगी, जिससे गेज कन्वर्जन परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

इंदौर-खंडवा गेज कन्वर्जन से मालवा-निमाड़ को होगा फायदा

गौरतलब है कि इंदौर-खंडवा गेज कन्वर्जन परियोजना को मालवा और निमाड़ क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर से खंडवा और आगे देश के अन्य हिस्सों तक रेल संपर्क अधिक सुगम और तेज हो जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो इसके लिए कई स्थानों पर टनल और विशेष ब्रिज बनाए जाएंगे। इन संरचनाओं के जरिए जंगली जानवर सुरक्षित रूप से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आ-जा सकेंगे। इसके अलावा वन विभाग द्वारा तय अन्य पर्यावरणीय शर्तों का भी पालन किया जाएगा।

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