NEET पेपर लीक मामले में तीन राज्यों से अब तक 7 लोगों को पकड़ा जा चुका है। इनमें महाराष्ट्र से 3, राजस्थान से 3 और हरियाणा का 1 युवक शामिल है। बुधवार को महाराष्ट्र के पुणे से एक महिला और अहिल्यानगर का युवक शामिल है। पुलिस ने बताया कि महिला का नाम मनीषा वाघमारे है, जो ब्यूटीशियन है। अहिल्यानगर से धनंजय निवृत्ति लोखंडे (26) को पकड़ा है। 12 मई को नासिक से शुभम खैरनार (30) को हिरासत में लिया जा चुका है। CBI तीनों से पूछताछ कर रही है। राजस्थान से 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें सीकर का कंसल्टेंसी संचालक राकेश मंडवरिया और लीक पेपर खरीदकर बेचने वाले दो भाई दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल शामिल हैं। राजस्थान SOG के मुताबिक, राजस्थान में करीब एक हजार कैंडिडेट तक ये पेपर पहुंचा था। SOG ने हरियाणा के गुरुग्राम से BAMS फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट यश यादव को हिरासत में लिया। इन सभी से पूछताछ की जा रही है। 13 मई: FAIMA सुप्रीम कोर्ट पहुंचा NEET UG 2026 परीक्षा रद्द मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। FAIMA ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली से अब भरोसा उठ चुका है। इसलिए मौजूदा गवर्निंग बॉडी का पुनर्गठन किया जाना चाहिए। दरअसल, NTA ने 12 मई को पेपर लीक के बाद NEET परीक्षा रद्द कर दी थी। NTA ने माना कि गड़बड़ी हुई है। एग्जाम 3 मई को हुआ था, जिसमें 22.79 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। राजस्थान- मास्टरमाइंड भाइयों के पास लग्जरी कारें-फार्महाउस, बोले- बड़े लोगों को बचाया जा रहा नीट-2026 पेपर लीक मामले में जमवारामगढ़ (जयपुर) के दो भाइयों मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल को पकड़ा गया है। राजस्थान एसोजी आरोपी भाइयों के बैकग्राउंड की जांच कर रही है। आरोपियों का कहना है कि इस केस में बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें… गुरुग्राम से BAMS स्टूडेंट पकड़ा NEET (UG) पेपर लीक मामले में राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने गुरुग्राम से एक BAMS स्टूडेंट को हिरासत में लिया है। पकड़ा गया युवक फर्रुखनगर इलाके के खुरमपुर गांव का रहने वाला यश है। पुलिस टीम को शक है कि यश पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा है। पूरी खबर पढें… NTA डीजी अभिषेक सिंह ने गड़बड़ी मानी NTA डीजी अभिषेक सिंह ने मंगलवार (12 मई) को कहा कि इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा। केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। वहीं, दिल्ली में मीडिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस मामले में सवाल पूछा तो वे बिना कुछ बोले निकल गए थे। यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक हुए हैं और 48 बार दोबारा परीक्षाएं हुईं। इस नाकामी की जिम्मेदार BJP सरकार है। केरलम से सीकर पहुंचा क्वेश्चन बैंक, टाइमलाइन से समझें NEET का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। जांच एजेंसी पता लगा रही हैं कि आखिर यह पेपर लीक कहां से हुआ। हालांकि, इसका खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ। 1 मई: केरलम से राजस्थान भेजा क्वेश्चन बैंक केरलम के कॉलेज में MBBS कर रहे चूरू के एक लड़के ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा। 2 मई: राजस्थान में पेपर शेयर हुआ दोस्त ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को दिया। उसने पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स को ‘क्वेश्चन बैंक’ शेयर कर दिया। इसी तरह दूसरे स्टूडेंट्स और करियर काउंसलर्स तक पहुंचा। इसी तरह बंटता चला गया। 3 मई: पीजी संचालक ने पुलिस में शिकायत की परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है। 6-7 मई: पेपर से जुड़ी ऑनलाइन चैट वायरल आंसर-की और परीक्षा से जुड़ी चर्चाएं ऑनलाइन सामने आने के बाद छात्रों और कोचिंग सेंटर्स में एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो कथित तौर पर असली परीक्षा से काफी मिलता-जुलता था। 7 मई: NTA ने गड़बड़ी की बात कही NTA ने पुष्टि की कि उसे परीक्षा के 4 दिन बाद यानी 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने बताया कि यह मामला राजस्थान और उत्तराखंड से सामने आया। 8 मई: NTA ने जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी। 12 मई: 13 लोग अरेस्ट राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कहा कि उसने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 मई तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को अरेस्ट किया। एक ही हैंडराइटिंग में लिखे 300+ सवाल, 150 परीक्षा में आए ‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET के पेपर में आए। पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं और प्रत्येक सवाल 4 अंक का होता है। यानी 720 में से 600 नंबर के सवाल सीधे ‘क्वेश्चन बैंक’ से आए। एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष क्वेश्चन बैंक से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती। कितने छात्रों को ‘क्वेश्चन बैंक’ मिला, यह तय नहीं अब तक यह आंकड़ा तो सामने नहीं आया कि कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ कितने छात्रों तक पहुंचा, लेकिन यह संख्या बड़ी होने की आशंका है। जिन लोगों को ये वॉट्सएप पर यह मिला, उसमें मैसेज के साथ ‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’ लिखा आ रहा है। NTA डीजी बोले- 7 मई को एग्जाम में गड़बड़ी की जानकारी मिली 7 मई की रात हमें एक व्हिसलब्लोअर के जरिए जानकारी मिली थी कि परीक्षा होने से पहले किसी व्यक्ति को वॉट्सएप पर कुछ सवाल भेजे गए थे, जो परीक्षा के सवालों से मेल खा रहे थे। हमारी जिम्मेदारी थी कि इन आरोपों की जांच करें और यह पता लगाएं कि क्या गैस पेपर की PDF 3 मई यानी परीक्षा के दिन से पहले किसी के पास मौजूद थीं। जांच में पाया गया कि कुछ सवाल हमारे प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। यह भी सामने आया कि 1 और 2 मई को यह PDF कुछ लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद थी। मामले पर किसने क्या कहा… 2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था 2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था। राधाकृष्णन पैनल की सिफारिशें 2024 विवाद के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व इसको चीफ प्रमुख के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी बनाई। पैनल ने 4 सुझाव दिए NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल सीटों में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। अभी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं। ……………………………. ये खबरें भी पढ़ें… NEET परीक्षा रद्द, MP का स्टूडेंट महाराष्ट्र से अरेस्ट, पीपर लीक पर अभ्यर्थी बोली- सुसाइड करने का मन कर रहा राजस्थान पुलिस ने धांधली के आरोप में महाराष्ट्र के नाशिक निवासी डॉ. शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है। अब सत्यसाई यूनिवर्सिटी से भी कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। आरोपी शुभम सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी (SSSUTMS) में आयुर्वेद चिकित्सा (BAMS) का छात्र है। पूरी खबर पढ़ें… NEET एग्जाम रद्द-बिहार में 60 लाख में हुई थी डील: सॉल्वर बैठाने की थी तैयारी, MBBS स्टूडेंट मास्टरमाइंड; जानिए पूरी कहानी बिहार में NEET परीक्षा में सॉल्वर गैंग एक्टिव थी। 60 लाख रुपए में एक सीट की डील हुई थी। एग्जाम से ठीक पहले पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इसका मास्टरमाइंड एक MBBS स्टूडेंट था। नालंदा पुलिस ने गिरोह के 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। पूरी खबर पढ़ें…
NEET केस- अब तक 7 हिरासत में:3-3 महाराष्ट्र और राजस्थान, 1 हरियाणा से; पुलिस बोली- राजस्थान में 1 हजार कैंडिडेट तक पेपर पहुंचा


