मौसम विभाग के मुताबिक, देश के कई शहरों में इन दिनों टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस के पार है। नौतपा के दौरान हाई टेम्परेचर और गर्म हवाओं से लू (हीट स्ट्रोक) का रिस्क बढ़ जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ता है। दरअसल बच्चों का शरीर ज्यादा गर्मी या सर्दी के लिए तैयार नहीं होता है। शरीर एडॉप्शन सीख रहा होता है, उसे मदद की जरूरत होती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही से बच्चे की स्थिति गंभीर हो सकती है। बच्चों की दिनचर्या और खानपान में कुछ बदलाव करके उन्हें हीट स्ट्रोक यानी लू से बचाया जा सकता है। इसलिए आज ’जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. बिलाल खान, सीनियर कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक मेडिसिन एंड पीआईसीयू, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम और दिल्ली सवाल- क्या गर्मियों में छोटे बच्चों को लू का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- बच्चों को लू जल्दी क्यों लगती है? जवाब- इसके कई कारण हैं। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- बच्चों में लू लगने के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं? जवाब- इसके शुरुआती लक्षण में बुखार, थकान और कमजोरी होती है। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर ऊपर ग्राफिक में बताए लक्षण न दिख रहे हों और बच्चा सिर्फ सुस्त हो तो क्या यह हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है? जवाब- हां, ज्यादा सुस्ती भी बच्चों में गर्मी से जुड़ी परेशानी का शुरुआती संकेत हो सकती है। लेकिन इसे सीधे हीट स्ट्रोक मानना सही नहीं है। अगर सुस्ती के साथ- जैसे लक्षण दिखें तो सतर्क हो जाना चाहिए। सवाल- किन संकेतों पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें- सवाल- किन बच्चों को हीट स्ट्रोक का ज्यादा रिस्क होता है? जवाब- कुछ बच्चों को इसका रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए-
सवाल- बच्चे को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- सही डाइट, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव ये सभी मिलकर बच्चे के शरीर को ओवरहीट होने से बचाते हैं। ग्राफिक में बच्चे को हीट स्ट्रोक से बचाने के सभी उपाय देखिए- सवाल- क्या बार-बार नहलाना बच्चे को हीट स्ट्रोक से बचा सकता है? जवाब- नहीं, यह शरीर को ठंडा रखता है और ओवरहीटिंग से बचाता है। इसके बावजूद यह पूरी तरह हीट स्ट्रोक नहीं बचा सकता है। बच्चे को नहलाने के साथ- सवाल- गर्मी में स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए क्या विशेष सावधानियां बरतना जरूरी है? जवाब- इसके लिए बच्चों को हाइड्रेशन से जुड़ी आदतें सिखाएं। उन्हें पानी की बॉटल, कैप आदि देकर स्कूल भेजें। कुछ बेसिक सावधानियों से उन्हें गर्मी के असर से सुरक्षित रखा जा सकता है। ग्राफिक में सभी जरूरी सावधानियां देखिए- सवाल- क्या छोटे बच्चों के लिए AC और कूलर का इस्तेमाल सुरक्षित है? जवाब- हां, लेकिन इस दौरान टेम्परेचर का ध्यान रखना चाहिए। गलत इस्तेमाल (बहुत ठंडा तापमान, डायरेक्ट हवा, अचानक टेम्परेचर में बदलाव) से सर्दी-खांसी, ड्राई स्किन, नाक में जलन या सांस संबंधी समस्याएं हो सकती है। अगर बच्चा नवजात है तो एसी और कूलर के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। ग्राफिक में सभी सावधानियां देखिए- सवाल- हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए बच्चों की डाइट कैसी होनी चाहिए? जवाब- गर्मी में बच्चों की डाइट ऐसी होनी चाहिए, जो शरीर को ठंडा, हाइड्रेटेड रखे और आसानी से पच जाए। ग्राफिक में देखिए- सवाल- गर्मियों में बच्चे अक्सर आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक की जिद करते हैं। उसकी जगह बच्चों को कौन-से हेल्दी कूलिंग ड्रिंक्स दे सकते हैं? जवाब- बच्चों को इसकी बजाय ये हेल्दी समर कूलिंग ड्रिंक्स दें- ये ड्रिंक्स हाइड्रेटेड रखते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं। साथ ही जरूरी विटामिन्स/इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर भी होते हैं। सवाल- अगर बच्चे को हीट स्ट्रोक हो जाए तो घर पर तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- बच्चे को हीट स्ट्रोक हो जाए तो- …………………………….. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- नौतपा में हीटवेव:ये 10 संकेत दिखें तो आपको लू लगी, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, बचाव के लिए करें ये 14 काम नौतपा में गर्मी अपने चरम पर है। भारत के कई शहरों में टेम्परेचर 45°C के पार चला गया है। तेज धूप के साथ चलने वाली गर्म हवाओं से लू (हीटस्ट्रोक) का रिस्क बढ़ गया है। लू लगने पर ‘बॉडी कूलिंग सिस्टम’ ठीक से काम नहीं कर पाता है। समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति जानलेवा हो सकती है। ये खबर भी पढ़ें…
जरूरत की खबर- नौतपा में छोटे बच्चों को रखें सेफ:स्कूल भेजते हुए ध्यान रखें 7 बातें, आइसक्रीम की जगह पिलाएं ये हेल्दी ड्रिंक्स


