Ghaziabad Bakrid Murde: बकरीद के दिन गाजियाबाद में 17 साल के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने कर्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असद को ढेर कर दिया है। पुलिस के इस त्वरित कार्रवाई से मृतक सूर्या की मां पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं। दरअसल, उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि ‘मासूम बेटे को इन 7 लोगों ने घेरकर मार डाला, आज उनमें से एक का अंत हुआ है। मेरी भगवान और प्रशासन से बस यही गुहार है कि बाकी बचे सातों दोषियों का भी वही अंजाम होना चाहिए।’
आपको बता दें कि सूर्या की मां सरोज ने भावुक होते हुए कहा कि उनके कलेजे के टुकड़े को आखिरकार इंसाफ मिल गया है, जिसके लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का तहे दिल से आभार व्यक्त करती हैं। उन्होंने उन तमाम मीडिया कर्मियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने दुख की इस घड़ी में उनकी आवाज को बुलंद किया और मामले को दबने नहीं दिया। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी मांग दोहराते हुए प्रशासन से अपील की है कि इस जघन्य अपराध में शामिल बाकी बचे सभी छह आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए।
पीड़ित के घर सांत्वना देने पहुंचे हिंदूवादी नेता
इस घटना के बाद पुलिस लगातार कानूनी कार्रवाई कर रही है। इसी बीच पीड़िता के घर सांत्वना देने और न्याय की मांग बुलंद करने के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा खोड़ा स्थित उनके आवास पहुंचे। विहिप नेता ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और संगठन की ओर से आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के साथ-साथ भविष्य में भी हरसंभव मदद दिलाने का पूरा भरोसा दिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ संदेश दिया कि पीड़ित परिवार को भरपूर न्याय मिलना चाहिए और वारदात में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं कानून के दायरे में ऐसी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए जो एक नजीर बने।
असद के घर पर भारी पुलिस बल तैनात
मुठभेड़ में मारा गया मुख्य आरोपी असद के घर बाहर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है, हालांकि वहां पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है और मुख्य द्वार पर ताला लटका है। दहशत का आलम यह है कि असद जिस बहुमंजिला इमारत में रहता था, उसके कुल 17 फ्लैटों में से करीब 12 से 13 परिवारों ने भी खौफ के मारे अपने घरों में ताले जड़ दिए हैं और वहां से पलायन कर गए हैं। कानून-व्यवस्था की सख्ती और आगामी पुलिसिया कार्रवाई के डर से पूरी बिल्डिंग में इस वक्त सिर्फ वीरानी नजर आ रही है।


